=बकावंड ब्लॉक में रेत माफियाओं को मिला अधिकारियों का संरक्षण =
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के पास भास्कली नदी से लगातारअवैध रेत खनन और परिवहन जारी है। खनिज विभाग के अधिकारी स्वयं अपने भारी वाहन और मशीनें रेत तस्करों को किराए पर उपलब्ध करा रहे हैं। यहां की नदियों से रेत निकाल कर ओड़िशा तक तस्करी की जा रही है।

बकावंड विकासखंड के बनियागांव के पास से बहने वाली भास्कली नदी में रेत का अवैध खनन और परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। हमने अपने पिछले अंक में भास्कली नदी के जिस स्थान पर हो रहे रेत खनन की खबर प्रकाशित की थी, अब उससे करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर एक और अघोषित रेत खदान शुरू करवा दी गई है। बनियागांव में नदी के दूसरे छोर से रेत निकाली जा रही है। ओड़िशा के बोरी गांव से रेत स्मगलर जेसीबी और ट्रक के साथ आकर खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार ये रेत स्मगलर उड़ीसा के ठेकेदार से सहयोग से छत्तीसगढ़ की सीमा में खनन कर रेत को उड़ीसा में स्टॉक कर रहे हैं। लगातार दबिश देकर रेत पकड़ने की दुहाई देने वाले माइनिंग विभाग के अधिकारी पूरे मामले को राजनीतिक रूप देकर अपने को पाक साफ साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि खनिज विभाग के अधिकारी रेत माफियाओं को अपने हाईवा ट्रक और जेसीबी मशीन किराए पर उपलब्ध कराते हैं। इसी जेसीबी से नदी को छलनी कर रेत निकाली जाती है और उस रेत को अधिकारियों के ही हाईवा ट्रकों से ओड़िशा ले जाया जाता है। इस तरह खनिज विभाग के अधिकारी स्वयं रेत तस्करी के खेल में लिप्त हैं। रेत का भंडारण उड़ीसा के बोरगांव में किया जा रहा है। इस रेत को नगरनार स्टील प्लांट के ठेकेदार अपने दलाल के माध्यम से बेच रहे हैं। इसके पूर्व भी इसी जगह से हजारों ट्रक रेत की अवैध निकासी हो चुकी है और मीडिया भी मामले को लगातार प्रशासन की नजरों में लाता रहा है। तब जाकर कुछ दिनों तक रेत माफिया शांत बैठे रहे। पहले भास्कली नदी में छत्तीसगढ़ की सीमा पर रेत का अवैध खनन और परिवहन होता था, मगर अब उड़ीसा के सीमा पर भी खनन कर भास्कली नदी से रेत निकाली जाने लगी है। ग्रामीण बताते हैं कि सरपंच और माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने मिलकर रेत निकासी का यह अनोखा तरीका निकाला है। रेत के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों ने फिर आवाज उठाई है। कलेक्टर बस्तर से की गई लिखित शिकायत में ग्राम पंचायत बनियागांव के करीब दर्जन भर किसानों ने बताया है कि नदी में अवैध खनन के चलते नदी की धारा की दिशा बदल गई है और बाढ़ आने पर उनकी कृषि भूमि का कटाव हो रहा है। खेतों में रेत जमा हो गई है और उन खेतों में कृषि कार्य करना मुश्किल हो गया है। रेत माफियाओं की करतूत के चलते किसानों का फसल एवं जमीन नुकसान हो रहा है। पीड़ित किसानों ने बताया है कि उड़ीसा सीमा पर भास्कली नदी से दिन रात जेसीबी से रेत खनन कर टिपर, डंपर और ट्रैक्टर से परिवहन किया जा रहा है। रेत खनन करने से नदी में 15-20 फीट गहरा गड्ढा हो गया है और नदी का जल स्तर कम हो रहा है, जिससे किसानों को गर्मी के फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलना मुश्किल हो गया है।










