नई दिल्ली में ऐतिहासिक बदलाव के तहत प्रधानमंत्री नए पीएमओ में शिफ्ट होने से पहले साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की विशेष बैठक करेंगे। यह बैठक शुक्रवार शाम 4 बजे प्रस्तावित है और ब्रिटिश कालीन सेक्रेटेरिएट भवन में होने वाली आखिरी कैबिनेट बैठक मानी जा रही है। लगभग 78 वर्षों से नॉर्थ और साउथ ब्लॉक देश के प्रशासनिक फैसलों का मुख्य केंद्र रहे हैं।
‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन, नए दौर की शुरुआत
प्रधानमंत्री सार्वजनिक कार्यक्रम में ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करेंगे। पहले ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से पहचाने जाने वाले इस परिसर का नाम 2 दिसंबर 2025 को बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया। यह परिसर नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित क्षेत्र में बनाया गया है।
करीब 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैले इस अत्याधुनिक भवन का निर्माण ₹1189 करोड़ की लागत से किया गया है। निर्माण कार्य एल एंड टी कंपनी द्वारा पूरा किया गया। नए पीएमओ परिसर के निकट प्रधानमंत्री का नया आवास भी तैयार किया जा रहा है। आवास के पूर्ण होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से यहां स्थानांतरित होंगे, हालांकि इसकी तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में प्रमुख मंत्रालयों को स्थान
नए प्रशासनिक ढांचे के तहत कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉरपोरेट मामलों, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई अहम मंत्रालयों को स्थान दिया गया है।
इससे पहले गृह मंत्रालय रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक से जनपथ पर निर्मित कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) भवन में स्थानांतरित हो चुका है। नए परिसर में गृह मंत्रालय को 347 कक्ष आवंटित किए गए हैं। करीब नौ दशकों तक यह मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से संचालित होता रहा।
सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा हैं नई इमारतें
‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2, सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत विकसित किए गए हैं। इसी परियोजना के तहत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का निर्माण भी किया गया है। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले क्षेत्र को सेंट्रल विस्टा कहा जाता है, जहां व्यापक पुनर्विकास और निर्माण कार्य किया गया है।
डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं से लैस परिसर
कर्तव्य भवन-1 और 2 में आधुनिक डिजिटल कार्यालय, जनता के लिए समर्पित सार्वजनिक क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत कक्ष की व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार, इससे मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ेगा और कामकाज में तेजी आएगी।
इमारतों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और ऊर्जा दक्ष निर्माण तकनीकों का उपयोग किया गया है। साथ ही स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, व्यापक निगरानी प्रणाली और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे परिसर अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनेगा।









