बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने चुनाव जीतने के बाद भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। बीएनपी नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि पार्टी भारत सरकार से हसीना को बांग्लादेश भेजने का अनुरोध करेगी ताकि वे अपने खिलाफ चल रहे न्यायिक मामलों का सामना कर सकें। यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है, क्योंकि हसीना अगस्त 2024 से भारत में शरण लिए हुए हैं और उन पर हत्या के आरोप हैं। शेख हसीना को नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने मौत की सजा सुनाई थी.
सत्ता से बेदखल होने के बाद से नयी दिल्ली में निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना को नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने मौत की सजा सुनाई थी.
बांग्लादेश के आम चुनावों में शानदार जीत हासिल करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मुकदमा चलाने के लिए उनके भारत से प्रत्यर्पण की अपनी मांग दोहराई है. बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, विदेश मंत्री पहले ही उनके प्रत्यर्पण के पक्ष में तर्क दे चुके हैं, और हम भी इसका समर्थन करते हैं.
उन्होंने कहा, हमने हमेशा ही कानून के अनुसार उनके प्रत्यर्पण पर जोर दिया है. यह दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों का मामला है. हमने भारत सरकार से भी उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने का आग्रह किया है ताकि वह वहां मुकदमे का सामना करें.
अहमद ने इस बात पर जोर दिया कि भारत समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ बांग्लादेश सामान्य संबंध चाहता है, लेकिन केवल बराबरी के आधार पर. उनकी यह टिप्पणी गुरुवार को हुए आम चुनावों में बीएनपी की शानदार जीत के तुरंत बाद आई.
सत्ता से बेदखल होने के बाद से नयी दिल्ली में निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना को नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने मौत की सजा सुनाई थी. विद्रोह के दमन से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए उनकी अनुपस्थिति में उन्हें यह सजा सुनाई गई थी.
बीएनपी का सख्त रवैया इस दिशा में नई चुनौतियां पैदा कर सकता है, क्योंकि भारत ने अब तक हसीना के प्रत्यर्पण पर कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया है। इससे द्विपक्षीय संबंधों में खटास आ सकती है, विशेषकर व्यापार, सुरक्षा और सीमा मुद्दों पर।









