-आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए दर्जनों लोग कर रहे थे कथित दीनकर्म =
-पुलिस ने पूछताछ करने के बद छोड़ दिया =
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। कुछ माह पहले मुठभेड़ में मारे गए खूंखार नक्सली हिड़मा की चिता पर कर्मकांड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कर्मकांड करने वाले लोग पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए थे और उनकी संख्या करीब 80 रही होगी।
सबसे खतरनाक श्रेणी के नक्सलियों में शुमार रहे हिड़मा को कुछ माह पहले सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस और सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में टॉप पर रहा हिड़मा बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का मूल निवासी था। मुठभेड़ में हिड़मा की पत्नी राजे भी मारी गई थी। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम पूवर्ती में किया गया था।बीती देर शाम पूवर्ती के श्मशान घाट में एकसाथ पहुंचे 70-80 लोगों द्वारा नक्सली कमांडर हिड़मा व उसकी पत्नी राजे की चिता पर कर्मकांड किया जा रहा था। बताया जाता है कि ये
सभी लोग बाहरी थे और तेलंगाना तथा आंध्रप्रदेश से आए थे। ये सभी लोग श्मशान में तथाकथित दीनक्रिया को अंजाम दे रहे थे। जब ग्रामीणों ने इस कर्मकांड का विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत की तब पुलिस ने 70-80 लोगों पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेकर पुलिस सभी लोगों को पूवर्ती से सुकमा ले गई। सुकमा में उनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही।पूछताछ के बाद सभी लोगों को पुलिस ने रिहा कर दिया। तथाकथित दीनकर्म करने वाले लोग किस संगठन से जुड़े हुए हैं और इस कर्मकांड को अंजाम देने के पीछे की उनकी मंशा क्या थी? यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसे लेकर पूरे सुकमा जिले में तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं।









