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भारत एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने भारत पहुंचेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, मुंबई से होगी आधिकारिक दौरे की शुरुआत

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इमैनुएल मैक्रों 16 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वे सोमवार, 16 फरवरी को रात 11:50 बजे Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport, Mumbai पहुंचेंगे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा और संक्षिप्त छायाचित्र सत्र आयोजित होगा। इस यात्रा में उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों भी साथ रहेंगी।

भारत सरकार का प्रमुख आयोजन भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 16 से 20 फरवरी तक Bharat Mandapam, New Delhi में आयोजित किया जा रहा है। भारत एआई मिशन के अंतर्गत आयोजित यह सम्मेलन पहली बार वैश्विक दक्षिण में हो रहा है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय महत्ता को दर्शाता है।

20 देशों के शीर्ष नेता होंगे शामिल

इस शिखर सम्मेलन में लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति स्तर के प्रतिनिधि भाग लेंगे। साथ ही विश्वभर के कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। मुख्य सत्र 19 और 20 फरवरी को आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi करेंगे।

मुंबई से प्रारंभ होगा आधिकारिक कार्यक्रम

17 फरवरी को मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रपति मैक्रों भारत-फ्रांस नवाचार मंच में भाग लेंगे तथा Gateway of India पर आयोजित भारत-फ्रांस नवाचार एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

18 फरवरी को नई दिल्ली प्रवास

18 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली पहुंचकर भारत मंडपम का अवलोकन करेंगे और सम्मेलन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

19 फरवरी को आयोजित मुख्य शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रपति मैक्रों, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य वैश्विक नेता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और डिजिटल भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य

भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 का उद्देश्य विश्व स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों को समझना, वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ बनाना और भारत को एक प्रमुख वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह पहल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और भविष्य के डिजिटल युग की मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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