रिपोर्ट-खिलेश साहू
कुरूद:- ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा (बी) में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार दो हितग्राहियों के नाम पर आवास स्वीकृत होने के बावजूद जियो टैगिंग और नक्शा एक ही स्थान का बनाया गया है और आरोप है कि मिलीभगत से दोनों आवासों की राशि भी जारी कर दी गई है। मौके पर उपलब्ध आवास नक्शे के अनुसार निर्माण का माप लंबाई 5.8 मीटर और चौड़ाई 5.2 मीटर दर्शाया गया है। इस आधार पर क्षेत्रफल लगभग 30.16 वर्ग मीटर आता है, जबकि नक्शे में प्लिन्थ एरिया 25.23 वर्ग मीटर (लगभग 272 वर्ग फीट) दर्शाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्धारित लंबाई-चौड़ाई और वर्गफीट के मानकों के अनुसार अलग-अलग आवास बनाए जाने चाहिए, लेकिन कम जगह में दो आवास दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। जो धरातल पर नहीं है। और स्पेस नही है।
शासन के दिशा निर्देश के वर्गफीट मानकों के आधार पर दो जगह कमरा, किचन, लेटबाथरूम, दरवाजा, होना या मकान बनना चाहिए, वहां धरातल पर केवल एक ही मकान बनता नजर आ रहा है। साथ ही आरोप यह भी है कि दूसरे आवास के नाम पर किसी पुराने मकान की छबाई कर कार्य दर्शाया जा रहा है। मामले में जब हितग्राहियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वहीं आवास मित्र जागेश्वरी निषाद ने कहा कि इस संबंध में जानकारी सरपंच दुर्गा सिन्हा व सचिव सुर्दशन साहू ही देंगे। रोजगार सहायक महेन्द्र ध्रुव ने भी स्वयं को केवल रोजगार गारंटी कार्य तक सीमित बताते हुए बाकी जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
फोन पर संपर्क किए जाने पर सेमरा (बी) के सरपंच दुर्गा सिन्हा ने कथित रूप से तीखे शब्दों में जवाब दिया। दूसरी ओर पंचायत सचिव सुर्दशन साहू ने भी मामले की जानकारी आवास मित्र और रोजगार सहायक से लेने की बात कही, जबकि पंचायत कार्यों में सचिव की अहम जिम्मेदारी मानी जाती है।अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।









