बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
बकावंड। विकासखंड बकावंड में सुशासन सरकार में पंचायत सचिव डंके की चोट पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। भ्रष्ट सचिव सीईओ को साथ लेकर चलते हैं। इनके लिए सरपंच की औकात खिलौने जैसी है
विकासखंड की ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल में जारी भ्रष्टाचार इसका जीता जगता उदाहरण है। बीते नवंबर दिसंबर माह में 15वें वित्त आयोग मद से जल आपूर्ति, स्वच्छता कार्य, मल जल निकासी स्वच्छता कार्य के नाम पर 67 हजार रुपए पारस नाथ पटेल को भुगतान करना दर्शाया गया है। पारस नाथ पटेल ग्राम पंचायत तारापुर के सचिव के भाई हैं और जीराखाल पंचायत के सचिव के भी रिश्तेदार हैं। जब यह फर्जीवाड़ा मीडिया की सुर्खियों में आया, तो ग्राम पंचायत जीराखाल के सचिव ने अब नाली निर्माण शुरू कर दिया है, मगर इस कार्य में भी भ्रष्टाचार का खेल चालू है। जीराखाल पंचायत सचिव और ग्राम तुंगापाल के सचिव सगे संबंधी हैं और इन संबंधों की आड़ में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

कुछ माह पूर्व इसी सचिव ने बिना काम कराए फर्जी आहरण अपने खास के नाम से किया था। अब वही सचिव नाली निर्माण कार्य में अनाप शनाप ढंग से कार्य करवा कर सरकारी राशि का आहरण कर रहे हैं। इस बाबत बार बार संपर्क करने पर भी उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। वहीं जीराखाल के सरपंच परेशान और हैरान हैं। उनके समझ में कुछ नहीं आ रहा है कि वो शिकायत करते हैं, तो सचिव उन्हे सचिव किसी उल्टे सीधे मामले में फंसा सकते हैं। लेकिन सोचनीय विषय यह है कि उक्त सचिव के कारनामे सामने आने के बाद भी अब तक उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है?









