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परिश्रम से ही भविष्य सुरक्षित: कश्यप

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को दी गई की विदाई = बकावंड। पीएमश्री स्वामी आत्मानंद हिंदी अंग्रेजी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करपावंड में कक्षा 12वीं के छात्रों का विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य श्री डीके कश्यप ने कहा कि 20 फरवरी से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। छात्र पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें।

परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का जिक्र करते‌ हुए प्राचार्य श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कहीं गई बातों ‌का अनुकरण करने की आवश्यकता है। मेहनत से ही भविष्य उज्जवल होता है। आप सभी किशोरावस्था में हैं। यही समय विद्यार्जन करने का सबसे अनुकूल समय है। आपने कक्षा पहली से पढ़ाई प्रारंभ की है। कॉलेज तक का सफर पूरा करना है। कुछ महापुरुषों का उदाहरण देते हुए श्री कश्यप ने कहा कि ऐसे लोगों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। आज गरीब वर्ग के बेटे बेटियां भी मेहनत करके प्रशासनिक अधिकारी बन सकता हैं।‌‌ बस मेहनत की जरूरत है। हमें शहरी क्षेत्र के शिक्षा स्तर के बराबर पहुंचना है।

अभी ग्राम स्तर पर पालकों में जागरूकता की कमी के कारण हमारा शिक्षा का स्तर शहर की अपेक्षा कम है। छात्रों को भी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। छात्रों को लक्ष्य बनाकर मेहनत करना चाहिए। आपका विजन होना चाहिए कि मुझे पढ़ लिखकर अच्छा नागरिक बनना है। छात्र देश का भविष्य हैं, आपके जुनून में कोई शक नहीं है, बशर्ते कि आपमें इच्छाशक्ति जागृत होना चाहिए। आपके पालक जिस उद्देश्य के लिए स्कूल भेजते हैं, उस उद्देश्य को पूरा करना है। आप अथक प्रयास कर रहे हैं तो दुनिया का कोई भी ताकत आपको आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती। आपको एक लक्ष्य बनाकर अपनी इच्छाशक्ति को जागृत करना होगा। कक्षा 12वीं तक क्लास होने के कारण आपको विदाई दी जा रही है। अभी आपका लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है।

कॉलेज तक की पढ़ाई पूरी करनी है। उच्च ‌शिक्षा से ही छात्रों को समग्र ज्ञान प्राप्त होता है। कहते हैं विदाउट कलेज इज नो नॉलेज। जिसने कॉलेज नहीं पढ़ा, उसे कोई नॉलेज नहीं है। इसलिए आपको पढ़ाई पूरी करनी है और अपने भविष्य को संवारना है। आपके भविष्य किस दिशा में जाएगा यह आपकी मेहनत के पर निर्भर है। आप अच्छी मेहनत करेंगे, ‌तो आपका भविष्य उच्च स्तर तक जा सकता है। आपको कमजोर नहीं होना चाहिए। सफलता असफलता चलती रहती है। कई लोग एक दो प्रयासों में असफल होकर भी बाद में सफल बन जाते हैं। मैंने एक उदाहरण देखा है हाई स्कूल में असफल होकर व्यक्ति कलेक्टर से कमिश्नर बन सकते हैं। असफलता से ही एक सीख मिलती है।अपने आपको जागृत करने की आवश्यकता है। आपका रिजल्ट बेहतर हो टॉप टेन में शामिल हो यही हमारा आपको आशीर्वाद है।

यदि आप टॉप टेन में शामिल होते हैं, तो हमारे संस्था का भी नाम रौशन होगा। आगे पढ़ाई आपकी दिशा और दशा को तय करेगी। आप किस‌ ओर जाएंगे। बहुत सारे ऑप्शंस आपके सामने खुले हैं। नीट की तैयारी करनी है, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करनी है डिप्लोमा, डिग्री की तैयारी करनी है। बहुत सारे डिप्लोमा कोर्सेज हैं। आपको कैरियर गाइडेंस में बताया गया होगा। हमारे स्कूल में बहुत सारी संस्थाएं आती हैं। आप अच्छे फाइट करें और सरकारी संस्थान में आपका सलेक्शन हो। यही हम आपसे आशा करते हैं। सफलता की सीढ़ी को लांघना है, तो आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। पढ़ाई एक तपस्या है। इस अवसर पर संस्था के समस्त कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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