दिल्ली में चल रहे AI समिट से एक हैरान और शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। NeoSapien नाम की कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर धनंजय यादव ने आरोप लगाया है कि उनके स्टॉल से एआई वियरेबल डिवाइस चोरी हो गए। धनंजय यादव के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के आगमन से पहले सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनी क्षेत्र (एक्सपो एरिया) खाली कराया जा रहा था। उनका दावा है कि अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों और स्टॉल संचालकों को अस्थायी रूप से बाहर जाने को कहा था। सीईओ ने सवाल उठाया कि जब पूरे एरिया में आम लोगों की एंट्री बंद थी और केवल सुरक्षाकर्मियों को ही अनुमति थी, तो उनकी कंपनी के महंगे एआई डिवाइस आखिर चोरी कैसे हो गए। उन्होंने इसे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया।
धनंजय यादव की कंपनी NeoSapien ऐसे एआई वियरेबल डिवाइसेज बनाती है जो बातचीत को ट्रैक करने और भावनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम हैं। यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में घटना पर दुख जताते हुए लिखा, “AI इंपैक्ट समिट का पहला दिन हमारे लिए दर्दभरा रहा।” उन्होंने बताया कि वह इस समिट को लेकर बेहद उत्साहित थे, क्योंकि इसका आयोजन पहली बार भारत में किया जा रहा था। उनके अनुसार, “मैं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस इकोसिस्टम और सरकार के प्रयासों का समर्थन करना चाहता था। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह चौंकाने वाला था।”
एआई इंपैक्ट समिट का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है, जिसे इस साल देश में होने वाले सबसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में गिना जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस समिट का उद्घाटन 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया भर के कई बड़े टेक और बिजनेस लीडर्स शामिल हो रहे हैं, जहां एआई के भविष्य और इसके वैश्विक असर पर चर्चा की जा रही है। प्रमुख वक्ताओं में सुंदर पिचई (सीईओ, Google), बिल गेट्स (को-फाउंडर, Microsoft) और सैम ऑल्टमैन (सीईओ, OpenAI) जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।
धनंजय यादव के लिए एआई इंपैक्ट समिट निराशाजनक साबित हुआ, क्योंकि पहले ही दिन उनके प्रोडक्ट स्टॉल से कथित तौर पर डिवाइसेज चोरी हो गए। NeoSapien के सीईओ के मुताबिक, दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले करीब 12 बजे से एक्सपो एरिया में सख्त सुरक्षा जांच शुरू हो गई थी।
यादव ने बताया, “पीएम मोदी 2 बजे आने वाले थे और इससे पहले दोपहर 12 बजे से सुरक्षाकर्मी वहां जांच-पड़ताल में जुट गए थे।” सीईओ के अनुसार, उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि उनकी कंपनी ने भारत में पहली बार पेटेंटेड एआई वियरेबल बनाए हैं और उन्हें प्रदर्शित करने का मौका दिया जाए। एक अधिकारी ने कथित तौर पर उन्हें वहीं रहने की अनुमति भी दे दी थी, लेकिन बाद में कुछ अन्य सुरक्षाकर्मी पहुंचे और तुरंत वहां से हटने को कहा। यादव का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों के बीच समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्होंने कहा, “लगता है कि उनके बीच समन्वय का अभाव था।”
सीईओ के मुताबिक, उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या वे अपने एआई वियरेबल डिवाइसेज साथ ले जाएं। कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि अन्य लोग भी अपने लैपटॉप और सामान वहीं छोड़कर जा रहे हैं और सुरक्षाकर्मी उनकी देखभाल करेंगे।
धनंजय यादव ने बताया कि उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की बात पर भरोसा करते हुए अपना सामान बूथ पर ही छोड़ दिया था। NeoSapien के सीईओ के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि डिवाइसेज सुरक्षित रहेंगे और संभव है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर भी उन पर पड़ जाए। यादव ने कहा, “मुझे उम्मीद थी कि सामान सुरक्षित रहेंगे और यदि मैं भाग्यशाली रहा तो PM मोदी की इन पर नजर पड़ सकती है।”
उनके मुताबिक, समिट एरिया के गेट करीब छह घंटे तक बंद रहे। जब उन्हें वापस अपने स्टॉल पर जाने की अनुमति मिली और वे बूथ पर पहुंचे, तो वियरेबल डिवाइसेज गायब देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बूथ पर पड़े खाली पैकेट की तस्वीर भी साझा की है। उन्होंने अपनी निराशा जताते हुए कहा, “जरा सोचिए, हमने फ्लाइट टिकट ली, ठहरने का इंतजाम किया, माल ढुलाई और बूथ तक के लिए पैसा दिया और अंत में यह देखने को मिला कि हाई-सिक्योरिटी जोन से वियरेबल गायब हो गए।” यादव ने सवाल उठाया कि जब उस दौरान वहां केवल सुरक्षाकर्मियों को ही जाने की अनुमति थी, तो फिर चोरी कैसे हो गई। उनके अनुसार, यह घटना बेहद निराशाजनक है और इससे आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।









