महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है और अब उपमुख्यमंत्री के बाद उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिलने वाली है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित गुट के नेताओं और विधायकों की मुंबई में बैठक हुई. इस बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख तय की गई. NCP ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया है. सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के निधन के बाद पार्टी को एकजुट रखने और विरासत आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. पार्टी विधायकों की बैठक में एनसीपी के विकास में अजित पवार की भूमिका और राज्य भर में इसके विस्तार की उनकी इच्छा को याद किया गया.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था. अब उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिलने वाली है. मुंबई में हुई बैठक के बाद 26 फरवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें अध्यक्ष चुना जाएगा.
26 फरवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की तैयारी है. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सुनेत्रा पवार के नाम सभी ने हामी भरी. इस वजह से सुनेत्रा पवार का पार्टी अध्यक्ष बनना लगभग तय है. जैसा कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला.
28 जनवरी को अजित पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई. अजित पवार की आकस्मिक मृत्यु से राजनीति में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया. अजित पवार की मृत्यु के बाद यह सवाल उठने लगा कि एनसीपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम पार्टी में सहमति बन गई है.
देवगिरी बंगले में विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रफुल्ल पटेल ने एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम प्रस्तावित किया. प्रफुल्ल पटेल द्वारा नाम की घोषणा के बाद, सभी विधायकों ने हाथ उठाकर सुनेत्रा पवार के नाम का समर्थन किया. अब 26 फरवरी को पार्टी कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें इस संबंध में घोषणा की जाएगी.
एक भावुक भाषण में, सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के साथ अपने जुड़ाव और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया, जिनके कारण वह विधायक दल की नेता और उपमुख्यमंत्री बनीं. उन्होंने विधायकों से कहा कि मैंने पार्टी को एकजुट रखने और उसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए यह नई जिम्मेदारी स्वीकार करने का फैसला किया है.









