कोंटा विधानसभा संवाददाता अभिमान एमल
छत्तीसगढ़ के Sukma district में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को अहम सफलता मिली है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला नक्सली भी शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये सभी नक्सली सुकमा जिले के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे और लंबे समय से प्रतिबंधित संगठन से जुड़े हुए थे। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
डेडलाइन के बीच बड़ी सफलता
राज्य सरकार द्वारा नक्सल उन्मूलन को लेकर तय समयसीमा नज़दीक आने के बीच यह आत्मसमर्पण पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में अभियान तेज किए हैं, जिसके चलते कई नक्सली या तो गिरफ्तार हुए हैं या फिर आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
एएसपी (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी नक्सलियों ने स्वेच्छा से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पुनर्वास और आगे की प्रक्रिया
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग, आर्थिक सहायता और रोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
सुकमा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में और भी नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।









