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पोटा केबिन प्रबंधन की घोर लापरवाही, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई: दुर्गेश राय

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-खिचड़ी बनाते झुलसी दो महिलाएं, दो बालिकाएं =

-प्रदेश कांग्रेस सचिव दुर्गेश राय ने घटना पर जताई कड़ी नाराजगी =

अर्जुन झा/जगदलपुर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत बालाटिकरा स्थित पोटा केबिन में खाना बनाते समय आग लगने से दो महिलाएं और दो बालिकाएं झुलस गईं। घटना में एक बालिका की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका उपचार जिला चिकित्सालय सुकमा की बर्न यूनिट में जारी था और अब उस बच्ची को डिमरापाल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर रिफर कर दिया गया है। इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दुर्गेश राय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पोटा केबिन प्रबंधन की घोर लापरवाही करार दिया है।

बालाटिकरा पोटा केबिन में 25 वर्षीय महिला मल्लिका और 35 वर्षीय सोनादई खिचड़ी बना रही थीं। इस दौरान पोटा केबिन में अध्ययनरत 13 वर्षीय बालिका जिया (पिता– तामे) एवं 12 वर्षीय बालिका अमृता को भी खाना बनाने के कार्य में लगाया गया था। भोजन तैयार करते समय अचानक आग भड़क उठी खिचड़ी की गंजा की कुंडी टूट गई जिसकी चपेट में आकर चारों झुलस गईं,घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला मल्लिका, सोनादई और बालिका अमृता को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी बालिका जिया की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय सुकमा रेफर किया था। वहां प्राथमिक उपचार के बाद जिया को डिमरापाल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जगदलपुर लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने कहा है कि सुकमा जिला के आश्रमों, छात्रावासों और पोटा केबिनों में रहकर पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बच्चों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम कराया जाता है। उन्होंने कहा है जबसे जिले के पोटा केबिनों के संचालन की जिम्मेदारी सत्ताधारी दल के परिवारों को दी गई है तब से पूरे सुकमा जिले के पोटा केबिनों में आराजकता फैली हुई है।किसी को प्रशासन का डर नहीं है।

खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम देकर नौनिहालों के निवाला छीन कर उसे अपने राजनीतिक आका की थाली में परोस रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस सचिव दुर्गेश राय ने कहा है कि लापरवाह अधीक्षक से लेकर सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कई दिनों तक इस मामले को दबाने का कार्य किया गया। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्रवाई हो। दुर्गेश राय ने कहा कि उचित निगरानी और देखरेख के अभाव में यहां रह रहे बच्चे दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। बालाटिकरा आवासीय पोटा केबिन की यह घटना भी इसी लापरवाही की ओर इशारा करती है, जहां नाबालिग बालिकाओं से रसोई का कार्य कराया गया, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ। उक्त मामले में जिला प्रशासन से मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी हो।

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