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बच्चों मे संस्कार एवं विषय की समझ आज की सबसे बडी आवश्यकता – वैभव पांडेय

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रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी

बच्चों में संस्कार हो बड़ों व शिक्षकों का सम्मान हो विषय की गहराई का ज्ञान हो तर्क और विवेक का विज्ञान हो अंग्रेजी का मान हो, अपनी भाषा का भी अभिमान हो उपरोक्त बातें सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर द्वारा संकुल स्तरीय आचार्य प्रशिक्षण एवं प्रवेश शंखनाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ बिलासपुर विभाग के विभाग प्रमुख वैभव पांडेय ने कहीं उन्होंने प्रशिक्षण सत्र को आगे बढाते हुए कहा कि हमारी कमजोरी और हमारी ताकत ही है जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, हम अपनी ताकतों को तो बखूबी जानते हैं, लेकिन जिस दिन अपनी कमजोरी को पहचान लेंगे उस दिन हम दोगुनी शक्ति से उसके निराकरण की दिशा में काम कर लेंगे तब सफलता हमारे कदम चूमेगी।

अध्यक्षीय आसंदी पर विराजमान सरस्वती शिक्षा संस्थान बिलासपुर विभाग के विभाग समंवयक श्रीगेंद्राम राजपूत जी ने प्रशिक्षण की महत्ता एवं शंखनाद कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विशिष्ट अभ्यागत के रूप में मंच पर विराजमान सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर के व्यवस्थापक डॉक्टर सुनील जायसवाल जी ने वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था के बारे में सरस्वती शिक्षा संस्थान से आग्रह करते हुए कहा कि सरस्वती शिक्षा संस्थान द्वारा पूर्व में जो अंग्रेजी के सिलेबस विद्यालय में पढ़ाए जाते थे उसे पुनः लागू करना चाहिए क्योंकि हमारी अंग्रेजी इतनी व्याकरण सम्मत थी की उसे पढ़ कर बच्चे वर्तमान प्रतियोगिता के दौर में सफलता प्राप्त कर सकते हैं,कार्यक्रम के प्रारंभ है मंचस्थ अतिथियों द्वारा विद्या की आराध्य देवी सरस्वती ओम एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव, कोटा के प्राचार्य बाबूलाल साहू, कोनी विद्यालय के प्राचार्य श्री देवेश कुमार सोनी, ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया। इस प्रशिक्षण संस्थान कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर कोनी, कोटा सकरी, रतनपुर, बिरकोना के 107 आचार्य दीदी जी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में सामूहिक शंखनाद करते हुए प्रवेश अभियान का श्री गणेश किया गया एवं भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, शोभा यात्रा में भव्य झांकियां के साथ हाथों में ध्वजा लिए भारत माता की जयकार करते हुए आचार्य गण लोगों से प्रवेश अभियान के लिए अपील करते हुए दिखे, प्रत्येक घरो एवं दुकानों में जा जाकर के लोगों को प्रवेश के लिए समझाते हुए सभी आचार्य जी बहन जी प्रवेश पत्रक देकर के अपने बच्चों को अपनी संस्कृति एवं भारतीय शिक्षा से जुड़ने का आह्वान करते रहे। प्रत्येक चौक चौराहों में सरस्वती शिक्षा संस्थान के पदाधिकारी विद्यालय के व्यवस्थापक, प्राचार्य सहित आगंतुकों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में बच्चों को भारतीय शिक्षा व्यवस्था से जुड़ने का आग्रह किया

इस शंखनाद कार्यक्रम को देखने एवं सुनने के लिए लोगों में गजब का उत्साह था सभी ने सरस्वती शिक्षा संस्थान के इस अभिनव प्रयास की भूरी भूरी प्रशंसा की नगर भ्रमण पश्चात यह शोभा यात्रा विद्यालय पहुंची जहां विद्यालय के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने सभी का आभार व्यक्त किया, कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्री योगेश गुप्ता ने किया, सर्वे भवंतु सुखिनः के समवेत गायन से कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती मणी फांसे श्रीमती, वर्षा श्रीवास्तव, कीर्ति कहरा,माधुरी बैसवाडे, दामिनी श्रीवास, सूर्यकांत यदु, सुशीला साहू, संगीता धीवर,मानसी कश्यप, राजू प्रधान राजेश्वरी कश्यप, सहित कोनी, कोटा सकरी, के आचार्य गण उपस्थित रहे।

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