-बिना शासन के निर्देश और सामान्य सभा की स्वीकृति के वसूली गलत =
अर्जुन झा/जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जगदलपुर विधायक किरण देव महापौर संजय पांडे पर धर्म विरोधी और जन विरोधी होने का आरोप लगाया है। श्री चौधरी ने महाशिवरात्रि पर शिवालयों के आसपास सफाई न कराने, चूना न डालने और जनता से मनमाना यूजर चार्ज वसूली को लेकर ऐसा आरोप लगाया है।
राजेश चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को धर्म विरोधी, मंदिर विरोधी बताते हुए जनता से वोट लेकर सत्ता हासिल करने वाले ढोंगियों की सरकार की महाशिवरात्रि के दिन शिवालयों के सामने की सफाई कराने और चूना डालने की हैसियत नहीं बची है। जबकि प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के दिन शिवालयों के सामने सफाई के बाद चूना डाला जाता था। श्री चौधरी ने आरोप लगाया है कि दलपत दीपोत्सव के नाम पर चंदा वसूलने वाली निगम सरकार शिवरात्रि के पहले कम से कम शिवालयों के सामने ऐसी व्यवस्था देने के लिए भी चंदा मांग लेती। क्योंकि सरकार के पास धार्मिक कार्यों के लिए अब पैसा नहीं बचा है और धर्म के ठेकेदारों को भी भाजपा की नकारा सरकार की कमियां नहीं दिखती हैं।
एक तरफ महापौर खुद को धर्म का हितैषी बताते हैं और दूसरी ओर धार्मिक कार्यों के लिए सरकारी सहयोग से पल्ला झाड़ते हुए आम नागरिकों और संस्थाओं से चंदा मांगने का काम करते हैं। नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने आगे कहा है जिन फुटपाथी और फुटकर व्यापारियों से सरकार द्वारा अस्थाई दखल चार्ज लेना बंद कर दिया था, आज उन्हीं व्यापारियों से यूज़र चार्ज के नाम पर अनाप-शनाप वसूली की जा रही है। इस संबंध में किसी प्रकार का कोई माकूल जवाब न महापौर परिषद ना निगम प्रशासन द्वारा दिया जा रहा है। जबकि नियम है कि कोई भी कर लागू करने से पूर्व राज्य सरकार के निर्देशानुसार महापौर परिषद और सामान्य सभा से प्रस्ताव पारित करके वसूली प्रक्रिया शुरू की जाती है।
पहले जो यूजर चार्ज वार्षिक लिया जाता था, अब सनातनी महापौर बनने के बाद निगम प्रशासन द्वारा मासिक वसूली की जाने की बात वसूली करने वाले कर्मचारियों द्वारा बताई जा रही है। महापौर को यह वसूली शायद जायज लगती है क्योंकि वह स्वयं महापौर बनने के बाद लगातार शहर की जनता को आर्थिक चोट देते आ रहे हैं। जैसे 300 का पानी टैंकर 500 हो गया 500 वाला पानी टैंकर 1000 हो गया। सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों में निशुल्क दिए जाने वाला टैंकर का 500 लगेगा, यदि स्टोर करेंगे तो 300 लगेगा। तरण ताल में बच्चों का टिकट चार्ज 50 रुपए और बड़ों का 100 रुपए निर्धारित था। आज उसे बढ़ाकर बच्चों का 100 रुपए और बड़ों का 200 रुपए किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास का लाभ लेने वाले बीपीएल परिवारों को संपत्ति कर के दायरे में नहीं लिया जाना है, परंतु महापौर के निर्देशानुसार उन गरीब परिवारों को जिन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिला है आज उन्हें संपत्ति कर दाता बना दिया गया है। और अब उनसे जल कर भी 60 रुपए प्रतिमाह की जगह 200 रुपए प्रतिमाह वसूलने जा रहे हैं। यदि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वाले परिवार 300 वर्ग फीट से अधिक में निर्माण कार्य करते हैं, तो अधिक निर्माण क्षेत्र का माप लेकर उनसे संपत्ति कर लिया जाना चाहिए, परंतु इस दिशा में बिना किसी निर्देश बिना किसी मापदंड के सभी गरीब प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से संपत्ति कर लिया जाना न्याय संगत नहीं है।
श्री चौधरी ने कहा- महापौर और राजस्व सभापति कहते हैं कि दरें नहीं बढ़ी हैं रीएसेसमेंट के कारण कर बढ़ गया है, तो महापौर जनता को यह भी बताएं कि किन परिवारों का रिएसेसमेंट पहले गलत लिया गया था, अभी सही लिया गया है और पहले उन्हें कौन सी दर लगाई गई थी और अभी कौन सी दर लगाई गई है। क्योंकि कई मकानों में तीन-तीन गुना टैक्स लगा दिया गया है जबकि उन हितग्राहियों द्वारा कोई नया निर्माण नहीं किया गया है। विधायक और महापौर भूल गए हैं कि इसी जनता ने भाजपा को अपना हितैषी समझकर इन नेताओं को पदासीन किया है। जनता को क्या मालूम था कि उनके पद पर बैठने के बाद सबसे पहले आर्थिक चोट उन्हें ही मिलेगी। राजेश चौधरी ने आयुक्त नगर निगम जगदलपुर, महापौर और कलेक्टर को पत्र लिखकर नियमत: संपत्ति कर एवं यूजर चार्ज लेने का आग्रह किया है। यदि जल्द से जल्द कार्यवाही नहीं होती है तो नगरवासियों और उन गरीब प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों तथा फुटकर व्यापारियों को साथ लेकर कांग्रेस पार्षद दल एवं कांग्रेस पार्टी महापौर का एवं निगम कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगी।









