-किसी की भी नहीं सुनती हैं ये मैडम साहिबा
अर्जुन झा/बालोद। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से विष्णु देव साय सरकार लोकहित में लगातार कार्य करवाती आ रही है, लेकिन लगता है कि सुशासन सरकार को बदनाम करने की कुछ अधिकारियों ने ठान रखी है। ऐसे अधिकारी सरकार की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही कुछ लोक निर्माण विभाग बालोद डिवीजन में चल रहा है। यहां पदस्थ महिला कार्यपालन अभियंता पूर्णिमा चंद्रा कौशिक के कामकाज के अंदाज से उनके विभाग के ही अधिकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि अन्य सरकारी महकमों के अधिकारी भी बहुत परेशान हैं। उनके पति पुलिस महकमे में बड़े अफसर हैं और पति की वर्दी की धौंस देकर पूरे उन्होंने अपने विभाग के पूरे सिस्टम को हाईजैक कर लिया है। ईई साहिबा पर लोक निर्माण विभाग के मातहत अधिकारियों और ठेकेदारों से बेतहाशा वसूली करने, आकरण कार्रवाई और कार्य की गुणवत्ता के नाम पर ब्लैकमेल करने के भी गंभीर आरोप लगे हैं।

बालोद में पदस्थ लोक निर्माण विभाग की महिला कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली ने जिले के तमाम अधिकारियों, ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों को बुरी तरह परेशान कर रखा है। वे विभागीय निर्माण कार्यों में अपनी मनमानी चलाती हैं। अनुभवी इंजिनियरों की सलाह को नजर अंदाज कर देती हैं। आलम यह है कि बालोद के कलेक्टर भी इस अधिकारी को अन्यत्र हटाने की बात कर चुके हैं। नगर पालिका से जुड़े लोगऔर लोक निर्माण विभाग से जुड़े अन्य विभागीय कर्मचारी भी इनसे पीड़ित और प्रताड़ित हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि इंजीनियर इन चीफ श्री भतपहरी से सदैव विजय की अनुशंसा प्राप्त यह महिला अधिकारी पूरे जिले के निर्माण कार्य से लगे ठेकेदारों को करीब सालभर से परेशान कर रही हैं।बालोद के चाहे कांग्रेसी हो या बीजेपी नेता सभी को इन्होने अपनी तथाकथित कार्य संस्कृति से परेशान कर रखा है। पिछले दिनों चुनाव में बीजेपी ऐसे ही कुछ अफसरों की मनमानी की वजह से चुनाव में हार के रूप में बड़ी कीमत अदा कर चुकी है। अगर लोकहित से जुड़े महत्वपूर्ण लोक निर्माण विभाग में ऐसे ही अधिकारी रहे तो शहर क्या जिले के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है तथा भाजपा को और भी बड़ा ग्रहण लग सकता है।









