जांजगीर-चांपा संवाददाता राजेंद्र जयसवाल
जिला जांजगीर चांपा
चांपा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 21 स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की राशन दुकान एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। दुकान की संचालिका सुनीता महंत पर आरोप है कि दिनांक 18 फरवरी 2026 की रात लगभग 8 ,30 बजे बड़ी मात्रा में चावल को कटा-कटा बोरियों में भरकर एक छोटे मालवाहक वाहन (छोटा हाथी) में लोड कर कहीं भेजा जा रहा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आम नागरिकों और हितग्राहियों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए आया था, जिसे नियमों के विरुद्ध कहीं और खपाने का प्रयास किया गया। यदि यह आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह न केवल शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार भी है।

पूर्व में भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि इससे पूर्व भी सुनीता महंत पर चोरी के 42 कट्टा चावल खरीदने का आरोप लगा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए जैजैपुर थाना पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। इसके बावजूद यदि पुनः इस प्रकार की गतिविधियाँ सामने आ रही हैं तो यह प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
खाद विभाग की चुप्पी क्यों?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार शिकायतों और अब वायरल वीडियो के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना संदेह को और गहरा कर रहा है। सवाल उठ रहा है कि जिला खाद अधिकारी एवं संबंधित निरीक्षक आखिर किस दबाव में हैं, या फिर लापरवाही के कारण कार्रवाई लंबित है?
सार्वजनिक वितरण प्रणाली राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से गरीब परिवारों को सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। यदि इसी व्यवस्था में भ्रष्टाचार पनपता है तो आम जनता का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है।

प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी
अब देखना यह होगा कि जिला खाद अधिकारी इस प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं। क्या वायरल वीडियो की जांच कर स्वतंत्र टीम गठित की जाएगी? क्या संबंधित दुकान की स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी एवं गोदाम का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा? या फिर मामला समय के साथ ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
नगर के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि—
तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दुकान का लाइसेंस निलंबित कर स्टॉक का मिलान किया जाए।
दोष सिद्ध होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
पीडीएस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो यह संदेश जाएगा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को संरक्षण प्राप्त है। शासन-प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर आम जनता का विश्वास बहाल करे।
अब पूरा जिला जांजगीर-चांपा की निगाहें खाद विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
खाद अधिकारी सुशील विश्वकर्मा कहना है चांपा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विभाग चांपा के दिशा निर्देश प्राप्त हुए उस वीडियो वायरल की जांच किया जाएगा और विधिवत कार्यवाही किया जायेगा









