विमल सोनी/बिलासपुर, 20 फरवरी 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-45 (बिलासपुर–पेंड्रा मुख्य मार्ग) पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर चपोरा, सेमरा, बिरगाहनी और बासाझाल सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को हाइवे निर्माण कार्य ठप करा दिया। ग्रामीण निर्माण स्थल पर धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-45 को चार से छह लेन में विस्तारित किया जा रहा है, लेकिन गांव चपोरा की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के लिए हाईवे पार करने का कोई सुरक्षित मार्ग नहीं छोड़ा गया है। इससे गांव दो हिस्सों में बंट गया है—एक ओर स्कूल, अस्पताल, बैंक और सहकारी मंडी जैसे आवश्यक संस्थान हैं, जबकि दूसरी ओर बस्ती स्थित है।

ग्रामीणों ने बताया कि तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण हादसों की आशंका बढ़ गई है और बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं के लिए सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है।
सरपंच गोवर्धन आरमो और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व हाइवे प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मुलाकात कर अंडरपास निर्माण की मांग रखी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा,
“यह सांकेतिक हड़ताल प्रशासन को हमारी मांग याद दिलाने के लिए है। अंडरपास गांववासियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









