-ग्राम पंचायतों में लगी चौपाल, अधिकारियों ने देखा सुविधाओं का हाल =
अर्जुन झा/बकावंड। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड में शुक्रवार को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाया।
कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष निरीक्षण एवं जनसमस्या निवारण शिविर के तहत जिला प्रशासन के अधिकारी सुबह 10 बजे से ही अपनी-अपनी आबंटित पंचायतों में सक्रिय नजर आए। अधिकारियों के इस दल ने ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं सहित आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और उचित मूल्य दुकानों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान विशेष रूप से बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, पूरक पोषण आहार की उपलब्धता और हर घर नल-जल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल सके। ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के बाद दोपहर में सभी पंचायत भवनों में आयोजित चौपाल के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ सीधे रूबरू होकर उनकी शिकायतों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों ने सामाजिक सहायता, टीकाकरण, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं से जुड़ी अपनी बातें अधिकारियों के समक्ष रखीं। गौरतलब है कि इस शिविर की सफलता के लिए एक सप्ताह पूर्व से ही गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सूचित किया गया था, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकें।

वहीं इस पूरे अभियान की समीक्षा हेतु शाम साढ़े 4 बजे जनपद मुख्यालय बकावंड स्थित सद्भावना भवन में सहायक कलेक्टर विपिन दुबे द्वारा सभी अधिकारियों की बैठक में ग्राम पंचायतों की विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विकासखंड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी मनीष वर्मा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पारेश्वर कुर्रे सहित सभी ग्राम पंचायतों के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।









