बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
छात्रों की पढ़ाई पर बिजली का झटका
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 21 फरवरी को शहर के कई क्षेत्रों में 5 घंटे बिजली बंद रखने के निर्णय ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जगदलपुर के विजय वार्ड-2 के पार्षद गौतम पाणिग्रही के अनुसार 33 केवी लाइन एवं भूमिगत केबलिंग परियोजना का बजट वर्ष 2025 के मध्य में ही स्वीकृत हो चुका था, इसके बावजूद कार्य को लंबे समय तक लंबित रखा गया। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह कार्य ऐसे समय में किया जा रहा है जब 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। इस दौरान बिजली कटौती करना सीधे तौर पर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य से खिलवाड़ है। यह निर्णय विभाग की योजना और संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों में इस निर्णय को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि बजट पहले ही स्वीकृत था, तो कार्य समय पर पूरा क्यों नहीं किया गया और परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में ही इसे लागू करने का निर्णय क्यों लिया गया। नागरिकों ने बिजली कंपनी से जवाब मांगते हुए कहा है कि विभाग इस गंभीर लापरवाही पर स्पष्टीकरण दे और भविष्य में विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार और संवेदनशील निर्णय सुनिश्चित करे। पार्षद गौतम पानीग्रही ने बिजली कंपनी को चेतावनी दी है कि वह विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न करे।









