-तीन शर्तों के साथ स्पीकर डॉ. रमन ने दी अनुमति =
जगदलपुर। कांग्रेस के दागी विधायक कवासी लखमा को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की सशर्त अनुमति दे दी गई है। शर्तों के मुताबिक कवासी लखमा विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अपने ऊपर लगे आबकारी घोटाले के बारे में एक शब्द भी नहीं बोल पाएंगे। उन्हें विधानसभा पहुंचने और लौटने के बारे में पूरी जानकारी सच्चाई के साथ देनी होगी।
बस्तर संभाग के सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से लगातार जीतते आ रहे कांग्रेस विधायक कवासी लखमा कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में आबकारी एवं उद्योग मंत्री रहे हैं। उनके कार्यकाल में हजारों करोड़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ में हुआ है। इस मामले में कवासी लखमा और कई प्रशासनिक अधिकारी आरोपी नामजद हैं। ईडी ने कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था और उन्हें कई माह तक जेल में रहना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत के बाद श्री लखमा फिलहाल जेल से बाहर आ गए हैं। आज से ही छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र भी शुरू हो गया है। चूंकि कवासी लखमा कोंटा के मौजूदा विधायक हैं, लिहाजा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कवासी लखमा को विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने के लिए सशर्त अनुमति प्रदान की है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तीन शर्तों के साथ उन्हें विधानसभा के बजट सत्र में उपस्थित रहने का अनुमति दे दी है। इन शर्तों के मुताबिक लखमा को अपना सक्रिय मोबाईल फोन नंबर स्पीकर कार्यालय में देना होगा, वे पत्रकारों से कोई चर्चा नहीं करेंगे और अपनी गिरफ्तारी तथा आबकारी घोटाले के मामले में विधानसभा में कोई चर्चा नहीं करेंगे।









