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नवाचारी प्रयोग: जब बच्चों के ‘दिमाग के भंवर’ ने नींबू को निकाला बाहर!

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​शासकीय हाई स्कूल, हात्मा,
दिनांक: 21 फरवरी, 2026​

विज्ञान केवल किताबों में नहीं, बल्कि हमारी सोच और प्रयोगों में बसता है। आज शासकीय हाई स्कूल हात्मा में विज्ञान की कक्षा के दौरान एक बेहद दिलचस्प और शिक्षाप्रद नजारा देखने को मिला।

क्या था प्रयोग? कक्षा में विद्यार्थियों के सामने एक चुनौती रखी गई—एक गहरे जार के भीतर पानी में डूबे नींबू को बिना जार झुकाए और बिना हाथ अंदर डाले बाहर निकालना है।

​विद्यार्थियों की सूझबूझ: शुरुआत में यह कार्य असंभव सा लग रहा था, लेकिन विद्यार्थियों ने हार नहीं मानी। अपनी वैज्ञानिक सोच का परिचय देते हुए बच्चों ने अपनी उंगलियों से पानी को तेजी से गोल-गोल घुमाना शुरू किया। देखते ही देखते जार के भीतर पानी का एक ‘भंवर’ (Vortex) बन गया। अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force) और पानी की गतिज ऊर्जा के कारण नींबू धीरे-धीरे सतह पर तैरता हुआ ऊपर आ गया, जिसे बड़ी आसानी से बाहर निकाल लिया गया।

शिक्षक का संदेश: इस प्रयोग का सफल नेतृत्व कर रहे शिक्षक संदीप सेन ने बच्चों को बताया कि विज्ञान हमारे दैनिक जीवन की समस्याओं का समाधान करने का सबसे अच्छा जरिया है। उन्होंने समझाया कि किस तरह तरल पदार्थ गति पाकर दबाव के नियमों को बदल देते हैं।
​सीख: इस गतिविधि ने न केवल बच्चों को भौतिकी के कठिन सिद्धांतों को सरलता से समझाया, बल्कि उनमें ‘क्रिटिकल थिंकिंग’ और ‘टीम वर्क’ की भावना को भी जगाया। बच्चों की इस उपलब्धि पर पूरे विद्यालय परिवार ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

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