Home चर्चा में माँ अन्नपूर्णा मंदिर : चमत्कार, अटूट आस्था और गौरवशाली इतिहास का दिव्य...

माँ अन्नपूर्णा मंदिर : चमत्कार, अटूट आस्था और गौरवशाली इतिहास का दिव्य संगम — जहाँ महादेव के सम्मुख विराजती हैं स्वयं देवी

31
0

विमल सोनी –

छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी रतनपुर के बैरागवन क्षेत्र में स्थित माँ अन्नपूर्णा मंदिर रतनपुर श्रद्धालुओं के लिए गहन आस्था और विश्वास का केंद्र है। यह मंदिर अपनी प्राचीनता, दिव्यता और विशेष स्थापत्य व्यवस्था के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

महादेव के सम्मुख विराजी माँ अन्नपूर्णा

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ भगवान शिव के सामने स्वयं माँ अन्नपूर्णा विराजमान हैं। यह दृश्य अत्यंत दुर्लभ और आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण है। भक्त जब दर्शन करते हैं तो उन्हें शिव-शक्ति के अद्वितीय संगम का अनुभव होता है।

प्राचीनता और परंपरा

मंदिर को कई सौ वर्ष पुराना माना जाता है। जनमान्यताओं के अनुसार यह माँ का प्राकट्य स्थल है। समय-समय पर मंदिर का जीर्णोद्धार और प्रतिमा स्थापना की गई है। यहाँ पूजा-पाठ की परंपरा गुरु-शिष्य परंपरा के रूप में आज भी निरंतर चल रही है।

 चमत्कार और श्रद्धा

माँ अन्नपूर्णा को अन्न, सुख और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। अनेक परिवार उन्हें अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं और विशेष अवसरों पर हवन-पूजन व अनुष्ठान आयोजित करते हैं।

 प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा पावन स्थल

तालाबों और पहाड़ियों से घिरा यह मंदिर प्राकृतिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। समीप ही स्थित महामाया मंदिर रतनपुर इस क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को और भी बढ़ाता है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here