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आम बजट पर बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण विकास की अनदेखी – त्रिलोक चंद्र श्रीवास

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विमल सोनी –

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक Akhil Bharatiya Congress Committee के पदाधिकारी त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party ने आम जनता के कल्याण और युवाओं के भविष्य को लेकर जो वादे किए थे, वे इस बजट में पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं। विशेष रूप से बेरोजगारी भत्ता को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की गई है, जिससे युवाओं में निराशा है।

श्रीवास ने कहा कि शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बजट में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती। शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान या समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है। इससे युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं और भी धूमिल हो रही हैं।

उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि बढ़ती कीमतों से आम जनता पहले ही परेशान है, लेकिन बजट में राहत देने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीण विकास के विषय में उन्होंने कहा कि जितना ध्यान और संसाधन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए जाने चाहिए थे, उतना इस बजट में नहीं दिखता। पिछले दो वर्षों से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। मनरेगा और 15वें वित्त आयोग की राशि को छोड़ दें तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं।

उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और न ही इसमें व्यापक जनकल्याण की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। सरकार को चाहिए कि वह बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण विकास जैसे मूल मुद्दों पर गंभीरता से विचार करे और ठोस कदम उठाए।

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