विमल सोनी –
बिलासपुर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष Ravindra Singh ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट को गांव, गरीब, मजदूर, महिला, कर्मचारी और वृद्धजनों के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट जमीनी हकीकत से दूर और केवल लोक-लुभावन घोषणाओं तक सीमित है।
रविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि बजट में युवाओं और किसानों के हित में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई से आम जनता पहले ही परेशान है, लेकिन कीमतों पर नियंत्रण या राहत देने के लिए कोई प्रभावी कदम नजर नहीं आता। बेरोजगार युवाओं के उत्थान और रोजगार सृजन के लिए भी बजट में स्पष्ट योजना का अभाव है।
उन्होंने कहा कि बंद किए गए शासकीय स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के लिए बजट में किसी प्रकार का विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
आदिवासी समुदाय के उत्थान, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और उनके अधिकारों को मजबूत करने के लिए भी कोई ठोस योजना इस बजट में दिखाई नहीं देती। किसानों के लिए भी किसी अतिरिक्त लाभ या विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई है, जिससे कृषि क्षेत्र में निराशा का माहौल है।
पूर्व बजट में सरकार द्वारा किए गए कई वादे अब तक कागजों तक ही सीमित हैं। दो वर्ष पूर्ण होने के बाद भी अधिकांश योजनाएं धरातल पर सही ढंग से लागू नहीं हो पाई हैं।
रविंद्र सिंह ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़वासियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और इसे केवल एक लोक-लुभावन बजट ही कहा जा सकता है। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है।









