= पुलिस अफसरों की मौजूदगी में रखे विचार =
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। कुख्यात नक्सली नेता देवजी उर्फ तिपरी तिरुपतैया आत्मसमर्पण के बाद अब राजनीति में कदम रखकर समाजसेवा करना चाहता है। देवजी ने कहा है कि वह लंबे समय तक बीमार रहा और माओवाद के रहस्यमय जीवन से मुक्ति पाने बेताब था।
नक्सली संगठन के महासचिव देवजी समेत चार कुख्यात नक्सलियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया यह खबर तो कल की बात हो गई, बड़ी बात तो यह है कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने तेलंगाना पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इन बड़े नक्सली नेताओं ने माओवाद से खुद को अलग करने के बारे में अपनी बात तेलगु भाषा में रखी। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अन्य बड़े अधिकारियों के साथ सरेंडर करने वाले टॉप नक्सली लीडर सीसीएम तिपीरी तिरुपतैया उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा, सीसीएम मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, एसीएम एवं टीएससी बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर उर्फ जगन और एससीएम नूने नसरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगम्मा उर्फ सन्नू दादा मौजूद रहे। शानदार पोशाक में सजे धजे इन नक्सली नेताओं ने बारी बारी से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। देवजी ने कहा कि वह लंबे समय से बीमारी से जूझता रहा है और माओवाद की रहस्यमयी दुनिया से बाहर निकलने एवं उससे मुक्ति पाने के लिए लालायित था। देवजी ने कहा कि वह अब कानून के दायरे में रहकर शेष जिंदगी गुजरेगा। देव जी उर्फ तिरुपतैया ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कहा कि वह अब राजनीति में प्रवेश कर समाज एवं जनता की सेवा करना चाहता है। देवा ने कहा- ‘ऑल मीडिया फ्रैंड्स मैं जो बातें रखना चाहता हूं वह 10-15 मिनट में पूरी नहीं हो सकती, इससे कुछ गलतफहमी भी हो सकती है। मैं जल्द ही पूरी बात पूरी तफसील से आपके सामने रखूंगा। पर इतना तय है कि और भी बड़े नक्सली नेता जल्द सरेंडर करने वाले हैं।’ देवजी ने कहा कि उसे अब भटकाव से मुक्ति मिल गई है और अपना शेष जीवन शांति से बिताते हुए समाजसेवा के लिए समर्पित करना चाहता है। इसके लिए उसे राजनीति का सहारा लेना पड़ेगा। आत्मसमर्पित अन्य नक्सली नेताओं ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। यह भी पता चला है की शीर्ष नक्सली नेता गणपति भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकता है।
मल्लेश ने किया सरेंडर
बस्तर में एक और नक्सली कमांडर ने हथियार के साथ सरेंडर कर दिया है। नक्सली कमांडर मल्लेश ने
एके-47 रायफल के साथ कांकेर जिले के छोटे बेठिया स्थित सुरक्षा बलों के कैंप में हथियार सौंपते हुए आत्मसमर्पण किया है।
डीवीसीएम रैंक नक्सली कमांडर मल्लेश अब मुख्यधारा में शामिल हो गया है। उसने कांकेर एसपी निखिल राखेचा और बीएसएफ़ अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से सरेंडर किया। नारायणपुर पुलिस की लगातार सर्चिंग के दबाव से कांकेर में मल्लेश को सरेंडर करना पड़ा।









