बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
दोनों वर्दीधारी नक्सलियों के शव और आधुनिक हथियार बरामद
जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के जांगला थाना के जैगुर-डोडुम क्षेत्र में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं।मुठभेड़ स्थल से दोनों नक्सलियों के शवों के साथ भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सशस्त्र माओवादी कैडरों की उपस्थिति की सूचना पर 25 फरवरी 26 की शाम डीआरजी टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन प्रारंभ लांच किया गया। अभियान के दौरान 26 फरवरी की सुबह लगभग 6 बजे से डीआरजी जवानों एवं माओवादियों के बीच लगातार मुठभेड़ होती रही। फायरिंग उपरांत सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से वर्दीधारी 2 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मारे गए नक्सलियों की शुरूआती तौर पर पहचान एसीएम हिचामी मडडा, भैरमगढ़ एरिया कमेटी सदस्य इनामी 5 लाख और एसीएम मनकी पोड़ियम भैरमगढ़ एरिया कमेटी सदस्य घोषित इनामी 5 लाख के रूप में हुई है।

मुठभेड़ स्थल से 1 नग एसएलआर राइफल, 3 मैग्जीन, 55 राउंड,1 नग इंसास रायफल, 3 मैग्जीन, 19 राउंड 1 नग 12 बोर बंदूक, 2 सेल, 2 नग हैंड ग्रेनेड, 2 नग देशी हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर, स्केनर बैटरी, मेकेनिज्म, दवाईयां, पाउच एवं अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई हैं। पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि क्षेत्र में पुलिस एवं सुरक्षा बल जनता की जान-माल की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ, कोबरा एवं अन्य सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें: आईजी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा है कि पूर्व माओवादी कैडर बारसे देवा, रूपेश, रनीता, राजमन, राजू सलाम, देवजी, संग्राम, भूपति, व्यंकटेश तथा अन्य अधिकांश माओवादी कैडरों की तरह शेष सक्रिय कैडरों को भी हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। अब भी हथियार और हिंसा से जुड़े रहने का कोई अर्थ नहीं है। सरकार जमीनी वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी है और आत्मसमर्पित कैडरों सहित प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक सार्थक एवं शांतिपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने हेतु संकल्पित है।









