बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के मार्गदर्शन में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर के बी. एम. ओ. डॉ.आर.एस. भवर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनार सहित क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी गई और मातृत्व स्वास्थ्य को लेकर कड़े निर्देश दिए गए।
पी. एच. सी. नगरनार में सुविधाओं का लिया जायजा
पी. एच. सी. नगरनार के निरीक्षण के दौरान डॉ. भवर ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, विशेषकर रात्रि प्रसव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ओ. पी. डी. में आने वाले मरीजों के लिए आयुष्मान और आभा आई. डी. की उपयोगिता सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा लैब में जांच की उपलब्धता, दवाओं और स्टाफ की कमी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बी. एम. ओ. ने वैक्सीन रूम और डिलीवरी रूम के उचित रखरखाव के लिए भी कर्मचारियों को निर्देशित किया।
घर-घर जाकर ‘वय वंदना’ और आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश
नगरनार के सुंडी पारा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान बी. एम. ओ. ने स्वयं आयुष्मान और ‘वय वंदना’ कार्ड बनाए और बनाने में आ रही समस्याओं को लेकर कर्मचारियों और हितग्राहियों से सीधे चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि वे हितग्राहियों के घर-घर जाकर कार्ड बनाएं और लाभार्थियों की सूची को तुरंत फिल्टर करें ताकि कोई भी योजना से वंचित न रहे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर मॉडपाल में कार्यक्रमों की समीक्षा
आयुष्मान आरोग्य मंदिर मॉडपाल के भ्रमण के दौरान बी. एम. ओ. ने ई. डी. डी. ड्यू. लिस्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर आरोग्य मंदिर में ही सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही एन. सी. डी. स्वास्थ्य मेला, आयुष्मान कार्ड, आर.सी.एच. 2.0 पोर्टल पर एंट्री, कुष्ठ रोग और टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
सेक्टर कुरंदी की बैठक में दिए गए लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश
दौरे के अंत में सेक्टर कुरंदी में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी स्वास्थ्य संस्थाओं के कार्यों की संस्थावार समीक्षा हुई। डॉ. भवर ने सभी कर्मचारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। बैठक में आयुष्मान कार्ड, वय वंदना योजना, टीबी, कुष्ठ रोग, नियमित टीकाकरण और आर. सी. एच. एंट्री में तेजी लाने को कहा गया। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि सुरक्षित प्रसव के लिए सभी उप-स्वास्थ्य केंद्र अपने मरीजों को नजदीकी पी. एच. सी. में ही रेफर करें।









