टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 स्टेज में भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से करारी शिकस्त देते हुए इस चरण में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
जवाब में 257 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम केवल 184 रन ही बना सकी। जिम्बाब्वे की तरफ से ब्रायन बेनेट ने 97 रन की शानदार नाबाद पारी खेली, जबकि कप्तान सिकंदर रजा ने 31 और तडिवनाशे मरुमनी ने 20 रन बनाए। बाकी बल्लेबाजों का प्रदर्शन खास नहीं रहा।
भारत के गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को 1-1 सफलता मिली। उनके समर्पित प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 स्टेज में वापसी की और सेमीफाइनल की रेस में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भारतीय टीम का अगला मुकाबला 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ है। इस निर्णायक मैच में जीत दर्ज करने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश करेगी। इस लिहाज से यह मुकाबला ‘करो या मरो’ की तरह अहम साबित होगा।
गौरतलब है कि भारतीय टीम ने इस मैच में टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा और अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया है। टी20 विश्व कप में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम है।
श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ 2007 में 6 विकेट खोकर 260 रन बनाए थे। भारत इस मैच में 4 विकेट खोकर 256 रन बनाकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। तीसरे नंबर पर वेस्टइंडीज की टीम है, जिसने मौजूदा वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के ही खिलाफ 6 विकेट खोकर 254 रन बनाए थे। चौथे नंबर पर आयरलैंड की टीम है, जिसने 2026 में ओमान के खिलाफ 5 विकेट खोकर 235 रन ठोके। 2016 में इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 8 विकेट खोकर 230 रन बनाए, जोकि पांचवां हाईएस्ट टोटल है।
टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का यह सबसे बड़ा स्कोर बनाया। टीम का पिछला रिकॉर्ड 218 रन का था, जो इंग्लैंड के खिलाफ 2007 में बना था। डरबन में खेले गए उस मैच में युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में लगातार 6 छक्के लगाए थे।









