किसी भी जाति धर्म और समाज के ऊपर ग़लत टिप्पणी करना, अशोभनीय शब्द एवं पाखंड जाती जैसे शब्दों का प्रयोग करना ग़लत है, इसके लिए संबंधित समाज संगठन एवं कानून द्वारा उचित कार्रवाई की जा सकती है, इसी क्रम में बहादुर सिंह नाम का व्यक्ति निवासी ग्राम मडवामौहा दर्री जिला कोरबा द्वारा सनातनियों के आराध्य एवं ईष्ट गोस्वामी तुलसीदास जी जो कि रामायण के रचयिता हैं, उनको एक सामाजिक वटसप ग्रुप में पाखंड जाती कहकर संबोधित किया गया है, इससे उस व्यक्ति कि बुद्धि और ज्ञान की जानकारी मिलती है कि ओ व्यक्ति अन्य समाज धरम के लिए क्या सोंच विचार रखता है, इसके विरोध में छत्तीसगढ़ मानस प्रेमी परिवार संगठन पं. क्र. 122202252813 संस्थापक अध्यक्ष द्वारा चेतावनी नोटिस जारी किया गया है जिसमें बहादुर सिंह मडवामौहा को गोस्वामी जात पर पाखंड शब्द संबोधन के लिए माफी मांगने/लिखने कहा गया है, जहां माफ़ी नहीं लिखने कि स्थिति में भविष्य में संगठन द्वारा उसके खिलाफ थाना में शिकायत दर्ज एवं संगठन द्वारा भी कार्यवाही की जायेगी जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
छग मानस प्रेमी परिवार संगठन अध्यक्ष नेहरू गोस्वामी, संस्था कार्यालय संजय नगर सरोना, टाटीबंध, रायपुर (छग) द्वारा
उपरोक्त संबंध में श्री बहादुर सिंह, निवासी ग्राम मडवामौहा दर्री जिला कोरबा छग को नोटिस भेजा है।










