मिडिल ईस्ट।
अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए उन देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को टारगेट किया,
जिनमें प्रमुख रूप से —
इज़रायल
बहरीन
यूएई
कतर
सऊदी अरब
जॉर्डन
कुवैत
शामिल बताए जा रहे हैं।
कैसे किया गया हमला?
सूत्रों के अनुसार ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के ड्रोन का उपयोग किया। कई स्थानों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए और कुछ मिसाइलों को बीच रास्ते में इंटरसेप्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
क्षेत्र में हाई अलर्ट
हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपने सभी क्षेत्रीय सैन्य अड्डों को हाई अलर्ट पर रखा है। इज़रायल ने भी आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं।
ईरान का बयान
ईरानी पक्ष का कहना है कि “हमले की शुरुआत अमेरिका और इज़रायल ने की थी, और यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है।” साथ ही यह भी संकेत दिए गए हैं कि यदि आगे और हमला हुआ तो जवाब और व्यापक हो सकता है।
वैश्विक असर
इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव बढ़ता है तो यह पूरे मिडिल ईस्ट को बड़े सैन्य संघर्ष की ओर धकेल सकता है।









