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रमन प्रभाव से भारतीय वैज्ञानिकता और अनुसंधान को वैश्विक मानचित्र में मिली मान्यता… चितरंजय पटेल

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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026_विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक 
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की अभूतपूर्व खोज की स्मृति में मनाया जाता है जिसके लिए उनको 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 “Women in Science: Catalysing Viksit Bharat” थीम अर्थात “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक” साथ महिला वैज्ञानिकों के योगदान को समर्पित है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में महिलाओं की समान भागीदारी और नेतृत्व  को उजागर करता है तथा वैज्ञानिक प्रगति के साथ भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में महिला शोधकर्ताओं और नव प्रवर्तकों की भूमिका की अपरिहार्यता का संदेश देता है।
विज्ञान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्ट्रीय विकास और वैश्विक हितार्थ युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ अनुसंधान व पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग करने के संकल्प को दोहराया तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर देश के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के निरंतर अनुसंधान देश  को दिशा दिखाते हैं और बेहतर भविष्य के लिए समाधान तैयार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर किया  कि यह दिन नवाचार और नव निर्माण के साथ देश के भविष्य को संवारने के उत्साह और संकल्प को पुनर्जीवित करेगा।
इस अवसर पर प्रदेश के युवा और महिला शोधार्थियों को छत्तीसगढ़  अशासकीय प्रबंधक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि आज का दिन महान वैज्ञानिक सीवी रमन द्वारा किए गए अभूतपूर्व अनुसंधान रमन प्रभाव की हमें याद दिलाता है, जिसने भारतीय वैज्ञानिकता और अनुसंधान को वैश्विक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित किया तो वहीं राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें वैज्ञानिक क्षेत्र में नवाचार एवं नई खोज के लिए प्रेरित करता है।

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