बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
जगदलपुर। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। अभी कांग्रेस और बीजेपी ने अपने उम्मीदवार अभी घोषित नहीं किए हैं, किंतु इस उच्च सदन का सदस्य बनने के इच्छुक दावेदार अपने नेताओं के माध्यम से दिल्ली तक दौड़ लगाने लगे हैं।

बीजेपी में अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेकर प्रत्याशियों की घोषणा की जाती है। इस कारण भाजपा प्रत्याशी को लेकर अटकल लगाना बेमानी है।वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति रहती है। पिछले विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में शिकस्त खाने के बावजूद कुछ कांग्रेसी नेता अपनी उपस्थिति का अहसास आलाकमानको कराने लगे हैं और अपना नाम भी हाई कमान तक पहुंचा रहे हैं। हाल फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा से पूर्व मंत्री टीएस सिंह देव, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम और साथ राज्यसभा रह चुकीं फूलो देवी नेताम के नाम कांग्रेस से सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन के दौरान मुख्यमंत्री पद के लिए टीएस सिंहदेव की जिद पूरे छत्तीसगढ़ ने देखी है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी परेशानी में डाल दिया था। टीएस सिंहदेव के राजहठ के कारण उस समय राज्य में कांग्रेस की बड़ी फजीहत हुई थी।

कांग्रेस हाई कमान ने उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाकर जैसे तैसे मामला शांत किया था। इसके अलावा कई ऐसे अवसर भी आए जब बाबा की कार्यप्रणाली और बयानबाजी के कारण कांग्रेस की किरकिरी होती रही है। दुसरी ओर फूलो देवी नेताम के बारे में कहा जाता है कि उनमें मुखरता और आक्रामकता का सर्वथा अभाव है। महिला और आदिवासी होने के दम पर वे पुनः दावा कर रही हैं।उनके पास कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस समर्थक नागरिक और समर्पित कांग्रेसी चाहते हैं कि लोकसभा में बस्तर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए। लोकसभा में दीपक बैज हमेशा मुखर रहते थे, सांसद रहते उन्होंने बस्तर, छत्तीसगढ़ एवं आदिवासी समुदाय के हितों के लिए दमदारी से आवाज लोकसभा में उठाते रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उन्होंने खनिज संपदा, जल, जंगल, छत्तीसगढ़ की अस्मिता, आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए बेशुमार पदयात्राएं की हैं।
छत्तीसगढ़ में दीपक बैज द्वारा की गई पदयात्राओं का कोई मुकाबला नहीं है। एक दमदार, सुशिक्षित, शांत एवं सौम्य आदिवासी नेता के रूप में दीपक बैज की अपनी विशिष्ट पहचान है।कांग्रेस संगठन के हितों की खातिर विरोधियों के लिए भी जान न्योछावर करने की दीपक बैज की प्रवृत्ति के पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों को उनका कायल बना दिया है। पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में पार्टी की बागडोर संभालते आ रहे दीपक बैज उन आदिवासी नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थिति में भी पार्टी का झंडा बुलंद रखा है। साफगोई के साथ अपनी बात रखने वाले दीपक बैज ने अब तक सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्राएं कर पार्टी की रीति नीति को जनता के सामने रखा है। पार्टी सिद्धांतों पर हमेशा अडिग रहने वाले श्री बैज कांग्रेस के उन चुनिंदा नेता में शामिल हैं, जिनकी कद्र विपक्षी भी करते हैं। दीपक बैज की सबसे बड़ी खासियत उनकी साफ सुथरी छवि है। इसी कारण आदिवासी युवा, सामान्य युवा, छात्र उनको एक परम शुभचिंतक के रूप में देखते हैं। अगर पार्टी युवा चेहरे दीपक बैज को राजयसभा भेजती है, तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का भला ही होगा।









