बलरामपुर संवाददाता – युसूफ खान
बलरामपुर जिले के वाड्राफनगर क्षेत्र अंतर्गत धनवार आबकारी चेकपोस्ट से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश से आए एक व्यक्ति ने आबकारी विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित के अनुसार, उसे एक बोतल शराब रखने के आरोप में रोका गया और कार्रवाई का भय दिखाया गया। आरोप है कि कर्मचारियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से फोन-पे के जरिए 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। पीड़ित का कहना है कि यदि वह राशि नहीं देता तो उसे झूठे प्रकरण में फंसाने और वाहन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी।

चेकपोस्ट पर हुई कथित घटना
बताया जा रहा है कि यह मामला धनवार आबकारी चेकपोस्ट का है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उससे मारपीट कर दबाव बनाया गया। संबंधित कर्मचारियों के रूप में महेश्वर यादव और अभिषेक देवांगन के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
विभागीय प्रतिक्रिया
मामले को लेकर जब प्रभारी अशोक कुमार गुप्ता से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश से किसी व्यक्ति को पकड़कर लाने का अधिकार विभाग को नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभाग के किसी कर्मचारी द्वारा अवैध वसूली या दुर्व्यवहार किया गया है तो जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता होने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर शासन अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप विभाग की छवि पर असर डालते हैं।
पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।









