कोसरंगी संवाददाता – गेंदलाल साहू
कोसरंगी।
ग्राम कोसरंगी में अवैध शराब बिक्री और नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के खिलाफ एक सराहनीय पहल देखने को मिली। महिला समूहों, ग्राम सरपंच, पंचों तथा जनप्रतिनिधियों ने मिलकर नशा मुक्त गांव बनाने के संकल्प के साथ जागरूकता रैली निकाली।
रैली के दौरान गांव की गलियों, चौक-चौराहों और मोहल्लों में “नशा छोड़ो, परिवार जोड़ो” और “नशा मुक्त गांव, खुशहाल गांव” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। महिलाओं और ग्रामीणों ने एक स्वर में अवैध शराब बिक्री का विरोध करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
नशे के दुष्परिणामों से कराया अवगत
रैली के दौरान वक्ताओं ने आम जनमानस को नशा सेवन से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों के भविष्य और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नशे के कारण आए दिन गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे गांव का माहौल प्रभावित होता है। ऐसे में नशा मुक्ति ही गांव की शांति और समृद्धि का मार्ग है।
महिला शक्ति की अहम भूमिका
इस अभियान में महिला समूहों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महिलाओं ने आगे बढ़कर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की और परिवारों को जागरूक करने का संकल्प लिया। उनका कहना था कि यदि गांव को सुख, शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ाना है तो नशे की प्रवृत्ति को जड़ से समाप्त करना होगा।
सामूहिक संकल्प
रैली के अंत में ग्रामवासियों ने नशा मुक्त गांव बनाने का सामूहिक संकल्प लिया और अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय किया।
ग्राम कोसरंगी की यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहां सामूहिक प्रयास से सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।









