बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल नहीं, असहयोग आंदोलन की चेतावनी
छग प्राइवेट मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाए जाने को लेकर निजी स्कूलों के संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। छग प्राइवेट स्कूल मैंनेजमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने बस्तर कलेक्टर, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर को ज्ञापन सौंपा है।
गत 13 वर्षों से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाई गई है। इसे लेकर उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी।

उच्च न्यायालय ने आदेश में 6 महीने के भीतर मांगों पर निर्णय लेने को कहा था। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूलों को प्रति छात्र प्रतिपूर्ति राशि प्राथमिक कक्षा में 7 हजार रुपए से बढाकर 18 हजार रुपए, माध्यमिक कक्षाओं में 11 हजार 500 रुपए से बढाकर 22 हजार रुपए और हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल में 15 हजार रुपए को बढाकर 25 हजार रुपए करने की मांग छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा की गई है। इसी तारतम्य में निजी स्कूल प्रबंधकीय संगठन बस्तर जिला द्वारा कलेक्टर आकाश छिकारा, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर संभाग एचआर सोम और जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल को ज्ञापन सौपा गया। एसोसिएशन ने ज्ञापन में असहयोग आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।निजी स्कूल प्रबंधकीय संगठन के अध्यक्ष कुलदीप प्रकाश ने बताया है कि असहयोग आंदोलन में स्कूल शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, नोडल प्राचार्य के किसी भी कार्य में प्रदेश के निजी स्कूल सहयोग नहीं करेंगे और न ही उनके किसी पत्र, नोटिस या आदेश का कोई जवाब देंगे। यह आंदोलन प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने तक जारी रहेगा।









