युसूफ खान/बलरामपुर –
बलरामपुर जिले कुसमी के टाटीझरिया गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय अब शोपीस बनकर रह गए हैं। बताया जा रहा है कि हिंडाल्को कंपनी के सहयोग से लाखों रुपये की लागत से शौचालयों का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में इनका उपयोग नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई शौचालय अधूरे हैं या उपयोग के लायक नहीं हैं, जिसके कारण लोग मजबूरी में खुले में शौच करने को विवश हैं। इस स्थिति ने स्वच्छ भारत मिशन के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालय बनाए गए, लेकिन कई जगह रखरखाव, पानी की कमी या अधूरे निर्माण के कारण उनका उपयोग नहीं हो पाता।
टाटीझरिया के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालयों की स्थिति की जांच कर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि गांव को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य को पूरा किया जा सके।
इस संबंध में हिंडाल्को के सीएसआर प्रमुख विजय मिश्रा को फोन कर जानकारी चाही गई किंतु हर बार की तरह गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए,









