केशकाल संवाददाता – विनीत पिल्लई
नन्हे हाथों की बड़ी और प्यारी पहल!

हात्मा: पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए शासकीय हाई स्कूल हात्मा में आज एक विशेष और सराहनीय कार्य किया गया। आने वाली गर्मियों में बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने और उन्हें सुरक्षित आश्रय देने के उद्देश्य से, विद्यालय में आज बच्चों को पक्षियों के लिए पानी के बर्तन (सकोरे) बांटे गए।
इतना ही नहीं, विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और विज्ञान के प्रति अपनी समझ का परिचय देते हुए, पक्षियों के रहने के लिए अपने हाथों से सुंदर और सुरक्षित घोंसले भी बनाए।

इस अवसर पर विद्यालय के व्याख्याता श्री संदीप सेन ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए जीवों के महत्व और उनके संरक्षण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को संतुलित रखने में हर छोटे-बड़े जीव की अहम भूमिका होती है। गर्मी के मौसम में इन बेजुबान पक्षियों के लिए दाना-पानी और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। बच्चों द्वारा उठाए गए ये छोटे कदम न केवल इन पक्षियों का जीवन बचाएंगे, बल्कि भविष्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा बदलाव भी लाएंगे।”

स्कूली बच्चों द्वारा किए गए इस अभिनव कार्य से न केवल उनमें जीव-जंतुओं के प्रति दया और प्रेम की भावना का विकास हो रहा है, बल्कि वे व्यावहारिक रूप से प्रकृति संरक्षण का महत्व भी समझ रहे हैं। विद्यालय में होने वाली ऐसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।









