तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की बात कही गई थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और ऐसी उम्मीद करना व्यर्थ है।
राज्य टीवी पर प्रसारित एक रिकॉर्डेड संदेश में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि दबाव की नीति से हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर जताया खेद
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने हाल में क्षेत्र के कुछ देशों पर हुए हमलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया। उनका कहना था कि खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर हुई सैन्य कार्रवाई गलतफहमी की वजह से हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने की कोशिश करेगा, जब तक कि इन देशों की जमीन से ईरान के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने भी इस रुख को मंजूरी दी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों की खबरों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव
पश्चिम एशिया में पिछले कुछ समय से हालात तेजी से बदल रहे हैं। फरवरी के अंत से शुरू हुए टकराव के बाद क्षेत्र में कई देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इस दौरान ईरान पर इस्राइल समेत कई देशों को निशाना बनाने के आरोप भी लगे हैं। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते विवाद के कारण ईरान की सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक बातचीत और संयम बेहद जरूरी है।









