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news36garh सम्मान : साहित्य और महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज़ बनीं डॉ. सीमा निगम

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रायपुर/छत्तीसगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर News36garh “महिला सम्मान अभियान” के अंतर्गत आज हम ऐसी प्रेरणादायक महिला व्यक्तित्व से आपको परिचित करा रहे हैं, जिन्होंने साहित्य, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह सम्मानित व्यक्तित्व हैं डॉ. सीमा निगम, जो एक प्रतिष्ठित लेखिका, संपादक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं।

शिक्षा और पारिवारिक परिचय

25 सितम्बर 1972 को जन्मी डॉ. सीमा निगम ने राजनीति शास्त्र में एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की है। उनके पति श्री दिलीप निगम हैं, जिन्होंने हमेशा उनके साहित्यिक और सामाजिक कार्यों में सहयोग और प्रोत्साहन दिया। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बना लिया।

साहित्य के माध्यम से नारी शक्ति की अभिव्यक्ति

डॉ. सीमा निगम का साहित्यिक सफर बेहद प्रेरणादायक है। उनका प्रकाशित एकल लघुकथा संग्रह “नारी तेरे कितने रूप” विशेष रूप से चर्चित रहा है। इस संग्रह में लगभग 140 लघुकथाएँ शामिल हैं, जिनमें हर कथा का मुख्य किरदार नारी है। इन कहानियों के माध्यम से उन्होंने महिला जीवन के संघर्ष, संवेदनाएँ, शक्ति और विविध रूपों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

इसके अलावा वे 10 से अधिक साझा संकलनों का संपादन कर चुकी हैं और 100 से अधिक रचनाएँ विभिन्न साझा संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका साहित्य न केवल रचनात्मकता का उदाहरण है बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।
‘जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान’ के माध्यम से अभिनव पहल
महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से डॉ. सीमा निगम ने “जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान” की स्थापना की। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ की लगभग 350 महिलाओं को साहित्य से जोड़ा और उन्हें अपनी प्रतिभा को सामने लाने का मंच प्रदान किया।
इस पहल के अंतर्गत अब तक
4 साझा संकलन पुस्तकों का प्रकाशन
10 महिलाओं की एकल पुस्तकों के प्रकाशन में सहयोग
जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। यह प्रयास महिलाओं को आत्मविश्वास देने और साहित्यिक पहचान दिलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जाता है।

‘कोसल पुत्री’ : छत्तीसगढ़ की महिला प्रतिभाओं पर शोध आधारित पुस्तक

डॉ. सीमा निगम द्वारा संपादित “कोसल पुत्री” नामक पुस्तक भी विशेष महत्व रखती है। यह एक शोध आधारित पुस्तक है जिसमें छत्तीसगढ़ की विशिष्ट महिला प्रतिभाओं के जीवन परिचय और उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक के दो भाग प्रकाशित किए गए हैं, कुल 72 महिलाओं को इसमें शामिल किया गया है l पहले भाग में 36 महिलाओं का उल्लेख है l

इन महिलाओं का संबंध साहित्य, संस्कृति, समाज सेवा, खेल, राजनीति और अन्य क्षेत्रों से है। इस पुस्तक को तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ की 72 महिला साहित्यकारों को विशेष रूप से जोड़ा गया और उनसे लेखन कराया गया।
इस पुस्तक का विमोचन माननीय श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय के करकमलों से कराया गया, जो इस प्रयास की विशेष उपलब्धि रही।

“मेरा छत्तीसगढ़” : मातृभूमि के प्रति समर्पण

डॉ. सीमा निगम के संपादन में प्रकाशित दसवीं पुस्तक “मेरा छत्तीसगढ़” भी एक महत्वपूर्ण साझा संकलन है। यह पुस्तक छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर प्रकाशित की गई।
इस पुस्तक में लगभग 100 साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, समाज और विविध पहलुओं पर शोध आधारित लेख प्रस्तुत किए हैं।

इस पुस्तक का विमोचन महापौर मीनल चौबे, श्रीमती वर्णिका शर्मा (अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग) तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों डॉ. चितरंजन कर, डॉ. सुशील त्रिवेदी, श्री गिरीश पंकज, श्री आदित्य श्रीवास्तव और डॉ. कुंज बिहारी शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुधीर शर्मा थे। इस पुस्तक का संपादन डॉ. सीमा निगम के साथ डॉ. सीमा अवस्थी मिनी ने किया और इसका प्रकाशन वैभव प्रकाशन, रायपुर द्वारा किया गया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

डॉ. सीमा निगम को उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान के लिए 500 से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रमाणपत्रों से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उनके नाम कई प्रतिष्ठित वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं—

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड (आजादी का अमृत महोत्सव)
इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड – साहित्योदय जन रामायण

इसके अतिरिक्त उन्हें नेपाल, मलेशिया और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सम्मानित किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंडियन कल्चरल सेंटर, कुआलालंपुर (मलेशिया) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में मंच संचालन और काव्य पाठ के लिए भी उन्हें सम्मान मिला।

महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल

डॉ. सीमा निगम ने अपने साहित्य और सामाजिक कार्यों के माध्यम से यह साबित किया है कि यदि अवसर और मंच मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को लेखन के लिए प्रेरित कर उन्हें आत्मविश्वास और पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

न्यूज़36गढ़ का नारी शक्ति को सलाम

News36garh के नारी शक्ति सम्मान अभियान के अंतर्गत डॉ. सीमा निगम को सम्मानित करते हुए हम उनके साहित्यिक योगदान और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को नमन करते हैं।
उनका जीवन और कार्य समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह संदेश देता है कि नारी केवल शक्ति ही नहीं, बल्कि सृजन और परिवर्तन की आधारशिला भी है।

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