बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाना ने क्रेक की यूपीएससी एग्जाम =
जगदलपुर। यूपीएससी 2025-26 का एग्जाम बस्तर के लिए उपलब्धियों भरा रहा। जहां नक्सलियों से जंग लड़ रहे सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाला और नक्सली आतंक के बीच दिन गुजार रहे धुर नक्सल प्रभावित गांव गुदमा के युवक अंकित सकनी ने यह प्रतिष्ठित एग्जाम क्रेक कर ली है। अब ये दोनों सपूत आईएएस या आईपीएस बनेंगे।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके में पीछे तीन सालों से पदस्थ सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाला ने ड्यूटी के साथ साथ यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखी। इस एग्जाम में उन्होंने ने 542वीं रैंक हासिल की है। श्री कसाला ने तीन सालों में दर्जनभर से ज्यादा बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशंस में जांबाजी के साथ भाग लिया है।उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के रितसल गांव के मूल निवासी रॉकी कसाला 2014 में कानपुर आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पर चयनित हुए। पिछले साल ही उनकी शादी हुई है। पिछले तीन सालों से वे सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में ड्यूटी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक रॉकी कसाला ने इससे पहले तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी है। एक बार वे इंटरव्यू तक पहुंच गए थे। लेकिन इंटरव्यू पास नहीं कर पाए। उसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और प्रयास जारी रखा। 2026 में अपना सपना पूरा किया।

दहाड़े हिड़मा और देवा के गढ़ में
असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाला पिछले तीन सालों से अपनी सेवा जिले के घोर नक्सल प्रभावित इलाका जगरगुंडा में दे रहे हैं। वे खूंखार नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती और आसपास के इलाकों में ड्यूटी कर रहे हैं। तीन सालों में वे दर्जनभर ऑपरेशन में शामिल हो चुके हैं। ये सभी ऑपरेशन नक्सली लीडर हिड़मा और देवा के इलाके में हुए हैं। इसके अलावा बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुदमा के प्रतिभाशाली युवक अंकित सकनी का भी चयन यूपीएससी सीएसई में हुआ है। अंकित को 816 वीं रैंक प्राप्त हुई है। उनके पिता चंद्रैया सकनी और माता जमुना सकनी का संघर्ष और संस्कार इस उपलब्धि के पीछे निहित हैं। इन दोनों युवाओं की यह बड़ी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और परिश्रम से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।







