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विधानसभा में परिवहन व्यवस्था पर घमासान: धमतरी विधायक ओंकार साहू के सवाल का पूर्ण जवाब नहीं दे पाए परिवहन मंत्री केदार कश्यप

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रिपोर्ट-खिलेश साहू

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान परिवहन व्यवस्था को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। ओंकार साहू, विधायक धमतरी, ने प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया और परिवहन नियमों के उल्लंघन के मामलों को लेकर सरकार को घेरते हुए महत्वपूर्ण सवाल उठाए।
विधायक ओंकार साहू ने सदन में पूछा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में कितने व्यावसायिक वाहनों को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं तथा इसका जिला-वार विवरण क्या है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इस अवधि में ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बिना बीमा के संचालन करने वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा कितने प्रकरण दर्ज किए गए और उनसे कितनी राशि की वसूली की गई।
इस पर जवाब देते हुए प्रदेश के परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विभाग के पास बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में ओवरलोडिंग और बिना परमिट संचालन के कुल 77,810 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनसे लगभग 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये की वसूली की गई है।
मंत्री के इस जवाब पर विधायक ओंकार साहू ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि कई स्थानों पर बिना उचित भौतिक परीक्षण के भी वाहनों को फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और परिवहन मंत्री के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
विधायक साहू ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी यदि सरकार और संबंधित मंत्री के पास स्पष्ट जानकारी नहीं है तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि इससे यह आशंका भी पैदा होती है कि परिवहन विभाग में कहीं न कहीं लापरवाही या अनियमितता हो रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।
विधायक ओंकार साहू ने सरकार और परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विधायक साहू ने कहा कि सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सदन में कुछ समय तक तीखी नोकझोंक और बहस का माहौल बना रहा, जिससे बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल भी गरमा गया।

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