पेंड्रा संवाददाता दीपक कश्यप
श्री श्री 1008 आदिशक्ति मां काली मंदिर, मानस तीर्थ, सोनकुंड, जिला गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में इस वर्ष भी 2026 चैत नवरात्र महोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्य रूप से किया जा रहा है।

19 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे मनोकामना ज्योति कलश स्थापना होगी। नवरात्र के नौ दिनों तक मां काली की विशेष पूजा-अर्चना, प्रतिदिन चंडी पाठ, भव्य आयोजन, कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव का अद्वितीय संगम होगा।

धार्मिक महत्व और सोन नदी की कथा
सोनकुंड को सोन नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। प्रचलित कथा के अनुसार अमरकंटक की सोनमुड़ा पहाड़ी से मां नर्मदा के नाराज होने पर व्यथित होकर सोनभद्र जी कूद पड़े और कुछ दूरी तक बहते हुए विलुप्त हो गए। मान्यता है कि वे पेंड्रा के मानस तीर्थ सोनकुंड से पुनः प्रकट होकर आगे बढ़ते हैं। सोन नदी का प्रवाह तंत्र गौरेला-पेंड्रा से निकलकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड होते हुए बिहार तक जाता है और अंततः पटना जिले के मनेर में गंगा नदी से संगम करता है। सोनकुंड परिसर में स्थित सोनेश्वर नाथ महादेव मंदिर सहित राधा-कृष्ण, राम दरबार, नर्मदा-सोनभद्र, लक्ष्मी नारायण, शनि देव और हनुमान जी के प्राचीन मंदिर इस स्थान की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं।

कलश स्थापना हेतु सूचना
मां काली मंदिर में नवरात्र के दोनों पक्षों में मनोकामना ज्योति कलश स्थापना होती है। इच्छुक श्रद्धालु मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट www.maakalisonkundgpm.org या स्वयं मंदिर पहुंचकर दिनांक 19.03.2026 दोपहर 12 बजे तक कलश प्रज्वलित करा सकते हैं।







