आरंग संवाददाता – सोमन साहू
रायपुर: प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉक्टर शिवकुमार डहरिया ने दुर्ग और बलरामपुर जिले में अफीम की अवैध खेती के सनसनीखेज खुलासे पर साय सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के माथे पर ‘कलंक’ बताते हुए कहा कि जिस राज्य की पहचान मेहनत कश किसानों से थी, उसे भाजपा ने नशे के सौदागरों की चरागाह बना दिया है।पूर्व मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि यह सामान्य अपराध नहीं, बल्कि “राजकीय विफलता” का प्रमाण है। भाजपा के अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में अफीम की फसल लहलहा रही है और विभाग सोया हुआ है। क्या यह मान लिया जाए कि पुलिस और खुफिया तंत्र सिर्फ विपक्ष की जासूसी के लिए है..?? दुर्ग से लेकर बलरामपुर तक अफीम के तार जुड़ना यह बताता है कि सफेदपोशों के आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं है। क्या भाजपा के स्थानीय नेताओं को इसकी जानकारी नहीं थी..?
पूर्व मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने भाजपा के चुनाव चिन्ह पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा:
“भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। एक तरफ ये सुशासन का ढोंग करते हैं, दूसरी तरफ प्रदेश की जवानी को नशे में झोंकने की तैयारी। अब भाजपा को अपना चुनाव चिन्ह ‘कमल’ बदलकर ‘अफीम का फूल’ कर लेना चाहिए, क्योंकि इनकी प्राथमिकता अब विकास नहीं, बल्कि नशे का कारोबार है।”
सरकार से सीधे 5 सवाल:
खुलासा देरी से क्यों?
जब फसल कटने को तैयार थी, तब प्रशासन को होश क्यों आया?
क्या यह किसी अंदरूनी बंदरबांट का नतीजा है?
सफेदपोशों पर चुप्पी क्यों?
अब तक सिर्फ खेत मालिकों पर कार्रवाई क्यों हुई? इसके पीछे के ‘असली आकाओं’ के नाम उजागर क्यों नहीं किए जा रहे?
गृहमंत्री की चुप्पी: प्रदेश के गृहमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर मौन क्यों हैं? क्या उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करनी चाहिए?
भाजपा का कनेक्शन: क्या सरकार उन स्थानीय भाजपा नेताओं की कॉल डिटेल्स सार्वजनिक करेगी, जो उन इलाकों में सक्रिय हैं?
युवाओं का भविष्य: छत्तीसगढ़ को ‘उड़ता पंजाब’ बनाने की इस साजिश का मास्टरमाइंड कौन है?
पूर्व मंत्री डॉ डहरिया ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को दबने नहीं देगी। भाजपा द्वारा प्रदेश को नशे का गढ़ बनाने की योजना को कांग्रेस कभी सफल होने नहीं देगी।कांग्रेस पार्टी नशे के विरुद्ध हमेशा से लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ेगी।







