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भास्कली नदी में अवैध रेत खनन से तबाह हो रही है खेती

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

प्रभावित किसानों ने कलेक्टर से लगाई गुहार 
बकावंड। उड़ीसा और बस्तर की सीमा से गुजरने वाली भास्कली नदी में रेत के बेतहाशा अवैध खनन से बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के करीब दर्जन भर किसानों की कृषि भूमि तबाह हो चुकी है। किसान अधिकारियों के समक्ष मामले की कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं खनिज विभाग के अधिकारी दिखावे के लिए क्षेत्र में आते हैं और रहस्यमय ढंग से बिना कोई कार्रवाई किए लौट जाते हैं।
बनियागांव पंचायत के पीड़ित किसान हेमराज भारती, नीलधर ध्रुव, टिकन भारती,तोशिक भारती, रूपेंद्र नागेश, जगत राम नागेश, विद्याप्रकाश सेठिया और अन्य किसानों ने मामले की शिकायत बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा से की है। शिकायत में बताया गया है कि भास्कली नदी में रेत खनन के लिए जिला प्रशासन या खनिज विभाग ने किसी को लीज जारी नहीं की है।इसके बावजूद उड़ीसा सीमा से लगकर नदी में बेतहाशा रेत का खनन जेसीबी के जरिए कर रेत का परिवहन टिप्पर, ट्रैक्टर आदि वाहनों से किया जा रहा है। रेत निकालने के लिए नदी में करीब बीस फीट गहरा गड्ढा कर दिया गया है। इसके चलते तट पर स्थित खेतों का तेजी से कटाव हो रहा है। इसके साथ ही नदी में बाढ़ आने पर आसपास के खेतों में रेत भर जाती है। कटाव के चलते पचास एकड़ से भी अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और रेत भरने से कई एकड़ खेती की जमीन नष्ट हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि खनिज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के संरक्षण में यह खेल चल रहा है। किसानों ने कलेक्टर श्री छिकारा से रेत माफिया और भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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