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बढ़ती गर्मी के बीच स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक, डिहाइड्रेशन से बचाव के साथ बौद्धिक खेलों का भी हुआ आयोजन

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​हात्मा:

बढ़ती गर्मी और लू के संभावित प्रकोप को देखते हुए शासकीय हाई स्कूल हात्मा में मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत बच्चों के लिए एक विशेष ‘डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी में स्वस्थ रहने और शरीर में पानी की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षणों जैसे—चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, बेवजह थकान महसूस होना और मुंह सूखना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही, इससे बचाव के लिए नियमित अंतराल पर पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी, छाछ और पानी से भरपूर मौसमी फलों (जैसे तरबूज, ककड़ी, खीरा) का अधिक सेवन करने की सलाह दी गई। बच्चों को तेज धूप में सीधे बाहर न निकलने, सिर ढंककर रखने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने के लिए भी प्रेरित किया गया, उन्हें झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसे स्कार्फ बांधने सिखाया गया

​बौद्धिक खेलों से बच्चों को स्कूल से जोड़े रखने की पहल
भीषण गर्मी में बच्चों को चिलचिलाती धूप से बचाने और उन्हें स्कूल की गतिविधियों से रोचक तरीके से जोड़े रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ कुछ ‘बौद्धिक खेलों’ (माइंड गेम्स) का भी आयोजन किया गया। इन इनडोर गतिविधियों में पहेलियां बुझाना, सामान्य ज्ञान पर आधारित क्विज, और तार्किक क्षमता वाले कई मजेदार खेल शामिल थे। इन खेलों का उद्देश्य बच्चों को बाहर धूप में खेलने से रोकना और उन्हें स्कूल के अंदर ही सुरक्षित व रचनात्मक रूप से व्यस्त रखना था। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ इन दिमागी कसरत वाले खेलों में हिस्सा लिया।

​व्याख्याता संदीप सेन ने बच्चों को कहा…
“गर्मी के मौसम में खेल-कूद और भागदौड़ के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बहुत तेजी से होती है। इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य और एकाग्रता पर पड़ता है। डिहाइड्रेशन एक गंभीर समस्या का रूप ले सकती है, लेकिन यदि बच्चे जागरूक रहें और सही खान-पान अपनाएं, तो इसे आसानी से मात दी जा सकती है। इसके साथ ही, बौद्धिक खेलों के माध्यम से हमारा प्रयास है कि बच्चे गर्मी में बाहर जाने के बजाय स्कूल में ही सुरक्षित माहौल में रहें और खेल-खेल में अपनी मानसिक क्षमता का भी विकास करें। हमारा लक्ष्य है कि बच्चे खुद को सुरक्षित रखें और इस जानकारी को अपने घर-परिवार तक भी पहुँचाएं।”

​कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने गर्मी में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने, पानी की बोतल हमेशा साथ रखने और तेज धूप से बचते हुए इनडोर गतिविधियों का आनंद लेने का संकल्प लिया।

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