कोरबा न्यूज़ 36गढ़:– ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से लेमरू पंचायत भवन में जन आरोग्य समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में देवपहरी, अरसेना एवं नकिया के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े समिति सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समिति के सदस्यों को उनके दायित्व, कार्यप्रणाली एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के संचालन संबंधी जानकारी प्रदान करना था, ताकि ग्रामीण एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जन आरोग्य समिति का गठन किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य संस्थाओं का संचालन निर्बाध रूप से हो सके और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को सुलभ, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिलें। इसके साथ ही सभी आवश्यक जांच, दवाइयां एवं स्वास्थ्य सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध हों।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जन आरोग्य समिति स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, अस्पताल परिसर की साफ-सफाई एवं रख-रखाव जैसे विषयों पर भी निगरानी रखती है। साथ ही समिति के पास आने वाले वार्षिक फंड का उपयोग जनस्वास्थ्य के हित में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जाए, यह सुनिश्चित करना भी समिति की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को उनके उत्तरदायित्वों से अवगत कराया गया और उन्हें प्रेरित किया गया कि वे अपने-अपने पंचायतों में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को जनहितकारी और व्यवस्थित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीएचसी लेमरू से एल.आर. गौतम, आर.बी. गौतम, मितानिन ब्लॉक समन्वयक रुस्तम, देवपहरी सरपंच हीरा बाई राठिया, अरसेना सरपंच पवन कुमारी तथा नकिया सरपंच रमिला मंझवार विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इसके अलावा मितानिन प्रशिक्षक जलसी यादव, बालकुमारी एवं सभी मितानिन कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाया।







