कोरबा न्यूज 36 गढ़:–
वन बंधु परिषद द्वारा संचालित स्वयंसेवी संस्था एकल अभियान के अंतर्गत संच केंद्र देवपहरी में वार्षिक उत्सव एवं आचार्य सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 15 मार्च को दोपहर 2 बजे से ग्राम डीडासराई के सार्वजनिक मंच में धूमधाम से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ संच समिति के पदाधिकारियों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। एकल अभियान की परंपरागत पद्धति के अनुसार कार्यक्रम प्रारंभ हुआ तथा आचार्यों द्वारा अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत, अभिनंदन एवं परिचय कराया गया।

इस अवसर पर संच समिति के सचिव कृष्णा कुमार कंवर ने वार्षिक उत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एकल अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, संस्कार और जागरूकता पहुंचाने का कार्य कर रहा है। समाज सेवा में अपना अमूल्य समय देने वाले आचार्यों को वर्ष में एक बार वन बंधु परिषद द्वारा सम्मानित किया जाता है, जिससे उनका उत्साहवर्धन हो और वे राष्ट्र एवं धर्म के कार्यों में और अधिक जोश व समर्पण के साथ कार्य कर सकें।
कार्यक्रम में संच केंद्र देवपहरी के विभिन्न ग्रामों से आए बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने बिना देखे दीप मंत्र, ओंकार मंत्र, गायत्री मंत्र, विजयमहा मंत्र, हनुमान चालीसा पाठ, ध्येय वाक्य, भोजन मंत्र, दोहा-चौपाई तथा 11 से 20 तक के पहाड़े सुनाकर उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने देशभक्ति गीत और बालगीत की भी प्रस्तुति दी। ग्रामवासियों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और एकल विद्यालय की सराहना की।

इसके पश्चात आचार्य सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संच स्नेह संपर्क परिवार से उपस्थित मातृशक्ति एवं संच समिति के सदस्यों द्वारा आचार्यों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संच समिति अध्यक्ष धनसिंह कंवर ने आचार्यों के कार्यों की सराहना करते हुए हिंदू नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित ग्रामवासियों से अपने घरों में भगवा ध्वज, रंगोली, दीप जलाकर तथा मिठाई बांटकर हिंदू नव वर्ष को उत्साहपूर्वक मनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संच समिति सदस्य राजाराम कंवर, ग्राम प्रमुख जगदेव राठिया, रायसराम राठिया, रामप्रसाद, चमरिन बाई, उषा राठिया, माधुरी कंवर, किरण राठिया सहित आचार्यगण, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में अचानक मूसलाधार बारिश और बड़े-बड़े ओलों की वर्षा शुरू हो गई, जिससे दूर-दूर से आए कई आचार्य और कार्यकर्ता कई घंटों तक वहीं फंसे रहे। बावजूद इसके कार्यक्रम की सफलता और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।







