गुरदीप सिंह/कुसमुंडा।
कुसमुंडा क्षेत्र के शहर में संचालित हो रही मिठाई, चाय-नाश्ता दुकानों और ठेलों पर खुलेआम घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। नियमों के अनुसार व्यापारिक उपयोग के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में दुकानदार घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चाय ठेलों से लेकर बड़ी दुकानों तक घरेलू सिलेंडर का उपयोग
क्षेत्र में चाय की गुमठियों से लेकर मिठाई दुकानों और नाश्ता केंद्रों तक घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग आम बात बन गया है। शहर के मुख्य चौक से लेकर बायपास तक कई ठेला संचालक और होटल व्यवसायी व्यावसायिक सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं।
सस्ते होने के कारण बढ़ रहा दुरुपयोग
व्यापारियों का कहना है कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर महंगा पड़ता है, इसलिए कई दुकानदार सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में दुकानदार नियमों को नजरअंदाज कर घरेलू सिलेंडरों का उपयोग अपने व्यवसाय में कर रहे हैं।
कार्रवाई से बचने के लिए अपनाए जा रहे तरीके
जानकारी के अनुसार कई दुकानदारों ने औपचारिक रूप से व्यावसायिक गैस सिलेंडर का पंजीकरण तो करा रखा है, लेकिन जांच से बचने के लिए दुकान के सामने व्यावसायिक सिलेंडर रख देते हैं और अंदर घरेलू सिलेंडर का उपयोग करते हैं।
खाद्य विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि नियमों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद शहर में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है।
जिम्मेदारों का बयान
जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है तो यह नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों का इस प्रकार बड़े पैमाने पर उपयोग सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकता है।
ऐसे में प्रशासन को इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।







