कुसमी बलरामपुर
संवाददाता यूसुफ़ खान
डिजिटल इंडिया के दौर में जहां देशभर में 5G सेवाओं का प्रचार-प्रसार तेजी से किया जा रहा है, वहीं बलरामपुर जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों की हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यहां के लोगों को आज भी ढंग से 3G जैसी स्पीड तक नसीब नहीं हो पा रही है।

महंगा रिचार्ज, कमजोर नेटवर्क
ग्रामीणों का आरोप है कि ₹349 या उससे अधिक के रिचार्ज प्लान लेने के बावजूद उन्हें न तो 5G की सुविधा मिल रही है और न ही स्थिर इंटरनेट। कई जगहों पर नेटवर्क पूरी तरह गायब रहता है, जिससे ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाओं का लाभ उठाना मुश्किल हो गया है।
जिम्मेदारी पर उठ रहे सवाल
इस स्थिति को लेकर अब जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।

डिजिटल इंडिया पर असर
एक ओर देश डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बलरामपुर जैसे जिलों में नेटवर्क की कमी विकास में बड़ी बाधा बन रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवा और छात्र इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
सुदूर इलाकों में नेटवर्क टावर बढ़ाए जाएं
टेलीकॉम कंपनियों की सेवाओं की जांच की जाए
खराब नेटवर्क की समस्या का जल्द समाधान किया जाए
जनता का सवाल
क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ शहरों तक ही सीमित रहेगा?
क्या ग्रामीणों को अच्छी नेटवर्क सुविधा मिलना उनका हक नहीं है?
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और संबंधित कंपनियां इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेती हैं।







