बांकी मोंगरा संवाददाता – विकास सोनी
कोरबा जिले के बाकीमोंगरा क्षेत्र में बहने वाली नदियों पर अभी तक रेत माफियाओं का कब्जा में है । शासन-प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद क्षेत्र के विभिन्न घाटों से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल धड़ल्ले से जारी है। ताज्जुब की बात यह है कि दिन के उजाले में ट्रैक्टरों का तांता लगा रहता है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले में मौन साधे हुए हैं।
बाकीमोंगरा के आसपास के नदी जैसे तेलसरा, जमनीमुड़ा , सुमेधा,कटाईनार, पुरेना व अन्य क्षेत्रों से बिना किसी रॉयल्टी ट्रैक्टरों के जरिए रेत निकाली जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी सूचना बार-बार अधिकारियों को दी जाती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। अधिकारियों की इस चुप्पी ने रेत माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी सूचना बार-बार अधिकारियों को दी जाती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। अधिकारियों की इस चुप्पी ने रेत माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं।
उत्खनन से नदियों का जलस्तर गिर रहा है और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से नष्ट हो रहा है। इसके साथ ही, भारी वाहनों के आवागमन से ग्रामीण सड़कें भी जर्जर हो रही हैं।
बिना रॉयल्टी पर्ची के हो रहे इस अवैध कारोबार से सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि रेत माफिया इतने बेखौफ हैं कि वे मुख्य रास्तों से ही रेत का अवैध परिवहन करते हैं।







